अफझलखान के मकबरे के समीप अवैध निर्माण किया ध्वस्त !

हिन्दुत्वनिष्ठों के २० वर्षाें के संघर्ष को सफलता !
पुलिस की कडी चौकसी; परिसर में जमावबंदी लागू !

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म पर प्रतिबंध लगाएं !’

केरल से हिन्दू एवं ईसाई युवतियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कर उन्हें इस्लामिक स्टेट में भर्ती किए जाने की घटनाएं इससे पहले ही उजागर हुई हैं । उस विषय में कांग्रेस ने अभीतक मुंह क्यों नहीं खोला ?, यह वह बताएगी क्या ?

केरल में एन.आई.ए.के अधिकारी को जान से मारने की धमकी

पी.एफ.आई. पर प्रतिबंध लगा होने पर भी उसकी कार्यवाहियां चालू ही हैं, यही इसी धमकी से ध्यान में आता है । इस ओर केंद्र सरकार को गंभीरता से ध्यान देकर पी.एफ.आई. को जड से नष्ट करने के लिए अभी और कठोर होना चाहिए !

बंगाल में अल कायदा का जिहादी आतंकवादी बंदी !

कोलकाता पुलिस के विशेष कृति दल ने दक्षिण २४ परगना जनपद से ‘अल् कायदा भारतीय उपखंड’ आतंकवादी संगठन के २० वर्षीय मोनिरुद्दीन खान को नियंत्रण में लिया है ।

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में सड़क पर नमाज पढ़ने वालों के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया गया है !

पुलिस और प्रशासन, जिसके हाथ में सारी व्यवस्था है, उसे वह सब कैसे नहीं दिखाई देता जो हिन्दुओं के संगठनों को दिखाई देता है ? या वे ऎसी घटनाएं देख कर आंखें मूंद लेते हैं ? हिंदुओं को लगता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार रहते हुए ऐसी स्थिति होनी ही नहीं चाहिए !

हिन्दुओं के सामूहिक धर्मांतरण के प्रकरण में फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) में एक पादरी सहित १० ईसाई बंदी !

हिन्दुओं के निरंतर हो रहे धर्मांतरण से ईसाईयों की हिन्दूविरोधी कुटिल योजना ध्यान में आती है । निश्चय ही, यह भी सत्य है कि हिन्दुओं में धर्म शिक्षा का अभाव होने के कारण ईसाई इसका लाभ उठाते हैं !

उज्जैन के एक कॉन्वेंट विद्यालय में एक ईसाई शिक्षक छात्राओं को दिखा रहा था, अश्लील वीडियो !

माता-पिता की शिकायत के उपरांत बनाया बंदी !
विद्यालय  प्रबंधन ने किया था प्रकरण को दबाने का प्रयास !

अमृतसर (पंजाब) में शिवसेना के नेता सुधरी सूरी की गोली मारकर हत्या

यदि पुलिस सुरक्षा होते हुए भी सुधीर सूरी की हत्या होती है, तो यह स्पष्ट है कि पंजाब में कानून एवं सुरक्षा की स्थिति हिन्दुओं के लिए चिंताजनक है ।

उत्तर प्रदेश में मुसलमान युवक ने ही मस्जिद में घुसकर कुरान जलाई !

कुरान जलाए जाने पर तत्काल बंदी नहीं बनाया होता, तो इस घटना की जिम्मेदारी हिन्दुओं पर डालकर किसी का तो सिर काटने की घटना हो जाती, ऐसा किसी को लगे तो इसमें क्या गलत होगा ?