Jaisalmer NCERT : एन्.सी.ई.आर्.टी. की पुस्तक में जैसलमेर को मराठा साम्राज्य में दिखाने पर राजवंश के सदस्य ने जताई आपत्ति !

इतिहास के विषय में दिशाभ्रम करनेवाली घटना का लगाया आरोप

(एन्.सी.ई.आर्.टी. अर्थात नैशनल काऊंसिल ऑफ एज्युकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग – राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद)

जैसलमेर (राजस्थान) – एन्.सी.ई.आर्.टी. की आठवीं कक्षा की पुस्तक के सामाजिक विज्ञान के क्रमिक पुस्तक में (घटक ३, पृष्ठ क्रमांक ७१) में एक मानचित्र है, जिसमें जैसलमेर को मराठा साम्राज्य के भाग के रूप में दिखाया गया है । ऐसा करना इतिहास के विषय में दिशाभ्रम करना, तथ्यहीन तथा आपत्तिजनक है, ऐसा प्रतिपादन जैसलमेर राजवंश के एक चैतन्य राज सिंह ने किया । इस संदर्भ में चैतन्य राज सिंह ने ‘एक्स’पर एक पोस्ट करते हुए इस विषय में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इसमें ध्यान देने की मांग की है ।

इस पोस्ट में चैतन्य राज सिंह ने आगे कहा कि,

१. एन्.सी.ई.आर्.टी. जैसी संस्था के क्रमिक पुस्तक में इसप्रकार की अप्रमाणित तथा किसी भी ऐतिहासिक प्रमाण के बिना दी गई जानकारी इस संस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह उठानेवाली है । ऐसी बातें हमारे गौरवशाली इतिहास तथा जनभावना पर आघात करती हैं । यह केवल एक क्रमिक पुस्तक में की गई चूक नहीं है, अपितु इससे हमारे पूर्वजों के बलिदान का, संप्रभुतता एवं शौर्य का अनादरपूर्ण चित्रण किया गया है, ऐसा प्रतीत हो रहा है ।

२. जैसलमेर संस्थान के संदर्भ में उपलब्ध आधिकारिक ऐतिहासिक जानकारी तथा स्रोतों में मराठों के अधिपत्य का, आक्रमण का, मराठाओं द्वारा कर वसूले जाने का अथवा जैसलमेर पर मराठों के किसी भी प्रभाव का उल्लेख नहीं मिलता, जबकि सरकारी दस्तावेजों में यह सुस्पष्टता से कहा गया है कि जैसलमेर पर मराठाओं का कभी भी प्रभाव नहीं था ।

३.यह केवल ऐतिहासिक तथ्यों से संबंधित सुधार की बात नहीं है, अपितु हमें हमारा गौरव, स्वाभिमान एवं राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की प्रामाणिकता के साथ रक्षा करने की आवश्यकता है । इस संदर्भ में शीघ्रातिशीघ्र ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई होगी, यह हमारी अपेक्षा है ।