41 Years Delayed Murder Case : ४१ वर्षाें से लंबित अपील के विषय में सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रसन्नता व्यक्त की ।
विलंब से मिलनेवाले न्याय को अन्याय ही कहना पडेगा ।
विलंब से मिलनेवाले न्याय को अन्याय ही कहना पडेगा ।
‘दक्षिण काशी’ के रूप में जगप्रसिद्ध उत्तर कन्नड जनपद (जिले) के गोकर्ण तीर्थक्षेत्र में यह अनर्थ घटित हुआ ।
इस संदर्भ में आगार प्रमुख उत्तम जुंदळे से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि ‘हिरकणी कक्ष’ के स्थान पर सूचना बोर्ड लगाएंगे तथा सरकारी पेयजल के संदर्भ में उचित मूल्य पर विक्रय करने के निर्देश देंगे’ ।
घटिया गुणवत्ता के पेडे बेचने वालों की दुकानों को सील कर उनसे कठोर आर्थिक दंड (जुर्माना) लिया जाना चाहिए ।
राज्य परिवहन निगम के प्रशासन को क्या ये मूलभूत समस्याएं दिखाई नहीं देती ? क्या प्रशासन केवल कागद पर सुविधाओं की उपलब्धता दिखाकर यात्रियों का दिशाभ्रम कर रहा है ?
राज्य के सभी बस स्टैंडों पर यदि इस प्रकार से ‘औचक’ निरीक्षण किया जाए, तो उनका वास्तविक स्वरूप सामने आ जाएगा !
वर्ष २०२३ में ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र राज्य के जिले से लेकर तहसील स्तर तक के बस स्थानकों की स्वच्छता तथा यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की थी । भी भी कुछ बस स्थानक स्वच्छता की बहुत अनदेखी कर रहे हैं । इस स्थिति की ओर सरकार एवं समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए ‘सनातन प्रभात’ पुनः एक बार राज्य के बस स्थानकों की दयनीय स्थिति के विषय में समाचारमाला आरंभ कर रहा है ।
मुस्लिम विद्यार्थियों ने ऐसा दुस्साहस किया, इसका अर्थ है कि उन्हें ऐसा ही सिखाया जा रहा है । ये वयस्क होकर जिहाद करेंगे, यह स्पष्ट है ! ऐसी घटनाओं के संबंध में निधर्मीवादी, तथाकथित पुरो(अधो)गामी लोग मुंह नहीं खोलते, यह ध्यान दें!
मुंबई के कामाठीपुरा, कुर्ला, डॉकयार्ड, माजगांव, मालवणी, अंधेरी, नागपाडा, मशीद बंदर, शेवडी, मानखुर्द, जोगेश्वरी, गोवंडी, ग्रैंट रोड, एंटॉप हिल आदि सभी स्थानों पर स्थित झोपडपट्टियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अड्डे मिले हैं ।
यदि पीओपी के कारण प्रदूषण नहीं होता है, तो उसके निस्तारण के लिए इतना अथक प्रयास क्यों ? तथा कृत्रिम कुंडों की योजना भी किसलिए ? यदि प्रदूषण होता ही नहीं है, तो प्राकृतिक जलस्रोतों में भी श्रीगणेशमूर्तियों का विसर्जन करने देने में क्या कठिनाई है ?