Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव – ‘रणसंवाद – भारत की सामरिक नीति ’ विचारगोष्ठी !

‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’का आरंभ कीजिए ! -‘रॉ’के पूर्व अधिकारी आर्.एस्.एन्. सिंह (सेवानिवृत्त) का आवाहन

‘सेनारी हत्याकांड’ : बिहार के इतिहास की एक काली रात !

कांग्रेस ने लोकतंत्र को बचाया या रक्तरंजित राजनीति को जन्म दिया ?

Army Camp Attack : असम में सेना शिविर पर उग्रवादियों का हमला, ३ सैनिक घायल l

असम के काकोपाथार क्षेत्र में १६ अक्टूबर की मध्यरात्रि को सेना शिविर पर ग्रेनेड (हाथबम) फेंका गया तथा लगभग एक घंटे तक लगातार गोलीबारी भी की गई ।

शहरी नक्सलवाद : राष्ट्र के सामने एक चुनौती !

पिछले अंक में प्रकाशित लेख में आपने ‘नक्सलवाद की संकल्पना, शहरी नक्सलवादियों के लक्षण; भारत राष्ट्र को नष्ट करना, यह नक्सलवादियों का लक्ष्य और शहरी नक्सलवादियों के उदाहरणों’ के बारे में पढा । आज हम इस लेख का अंतिम भाग प्रस्तुत कर रहे हैं ।

Chhattisgarh Naxal Encounter : छत्तीसगढ में हुई मुठभेड में १० नक्सली ढेर !

यह मुठभेड मैनपुर पुलिस थाने के परिसर के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित माटल में हुई ।

कुमरगुडा (जिला गडचिरोली) की ग्रामसभा में नक्सलवादियों को गांव में प्रवेश पर रोक का निर्णय !

भामरागड तहसील के कुमरगुडा के नागरिकों ने नक्सलवादियों को गांव की सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया है । नक्सलवादियों का आतंक त्यागकर कुमरगुडा वासियों ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया ।

Gadchiroli Naxals : गढचिरौली में १० वर्षों में ३८३ नक्सली आक्रमणों में १३४ नागरिकों की हत्या !

जून २०२५ में महाराष्ट्र के चंद्रपुर, भंडारा, नांदेड तथा यवतमाल — ये ४ जिले नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए गए हैं । परंतु गोंदिया तथा गढचिरौली जिलों में अभी भी नक्सलवाद विद्यमान है ।

अर्बन (शहरी) नक्सली एवं अर्बन नक्सलवाद : एक गुप्त राष्ट्र घात

आज सबसे गंभीर और संभावित संकट बाहरी शत्रुओं से नहीं, अपितु शहरों के भीतर काम करनेवाले वैचारिक रूप से प्रेरित ‘राष्ट्रघातियों’ से आता है, जो सामान्यतया ‘बौद्धिक कार्यकर्ता’ तथा ‘व्यवसायी’ होते हैं ।

PM Narendra Modi : नक्सलवाद अब १२५ जनपदों से घटकर केवल २० जनपदों तक सीमित रह गया है !

एक समय ऐसा था जब छत्तीसगढ के बस्तर का नाम आते ही नक्सलवाद, माओवाद, बमविस्फोट एवं बंदूकों की ध्वनि स्मरण होती थी । आज वही बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, तथा वहां के युवा अब ओलम्पिक में भाग ले रहे हैं ।