विजयादशमी के दिन करने योग्य कृत्य एवं उसका अध्यात्मशास्त्र !
दशहरे को सरस्वती तत्त्व के क्रियात्मक पूजन से जीव के व्यक्त भाव का अव्यक्त भाव में रूपांतर होकर जीवको स्थिरता में प्रवेश होने में सहायता मिलती है ।
दशहरे को सरस्वती तत्त्व के क्रियात्मक पूजन से जीव के व्यक्त भाव का अव्यक्त भाव में रूपांतर होकर जीवको स्थिरता में प्रवेश होने में सहायता मिलती है ।
सभी भाई यदि एक साथ रहते हों, अर्थात सभी का एकत्रित द्रव्यकोष (खजाना) एवं चूल्हा हो, तो मिलकर एक ही मूर्ति का पूजन करना उचित है । यदि सबके द्रव्यकोष और चूल्हे किसी कारणवश भिन्न-भिन्न हों, तो उन्हें अपने-अपने घरों में स्वतंत्र रूप से गणेशव्रत रखना चाहिए ।
राष्ट्र तथा धर्मरक्षा की शिक्षा देनेवाले गुरुओं के कार्य का स्मरण कीजिए !
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना केवल मत नहीं, अपितु व्रत बनना चाहिए । राष्ट्र और धर्म पर मंडरा रहे संकट के समय धर्म के पक्ष में रहना, हम सभी का दायित्व है । वर्ष २०२५ के पश्चात सत्त्वगुणी हिन्दुओं द्वारा भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी ।
बारात के घर आते ही वर-वधू के ऊपर दही-चावल फेरकर फेंके जाते हैं । घर में प्रवेश करते समय वधू प्रवेशद्वार पर रखे चावल से भरे पात्र को दाएं पैर के अंगूठे से लुढकाकर घर में प्रवेश करती है । तत्पश्चात लक्ष्मीपूजन कर वधू को ससुराल का नया नाम दिया जाता है ।
वधू को पिता के घर से अपने घर ले जाना अर्थात ‘विवाह’ अथवा ‘उद्वाह’ है । विवाह अर्थात पाणिग्रहण, अर्थात वर द्वारा स्त्री को अपनी पत्नी बनाने के लिए उसका हाथ पकडना । पुरुष स्त्री का हाथ पकडता है; इसलिए विवाह उपरांत स्त्री पुरुष के घर जाए । पुरुष का स्त्री के घर जाना अनुचित है ।
पूर्वकाल में हिन्दुओं के विवाह समारोह धार्मिक रूप से संपन्न होते थे । वर-वधू को देवालय के चैतन्य का लाभ प्राप्त होने की दृष्टि से विवाहसंस्कार देवालय में करने की भी परंपरा थी । वर्तमान में हिन्दुओं को लगता है कि विवाह समारोह एक मौजमस्ती का कार्यक्रम है ।
समाज पर भोगवाद के प्रभाव के कारण विवाह विधि अनेकों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है । इस कारण धन पानी की भांति बहाया जाता है । इस अपव्यय का प्रारंभ विवाह की निमंत्रण पत्रिका से होता है ।
‘सनातन संस्था सेवा’ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में हिन्दू जनजागृति समिति के वाराणसी के समिति सेवक श्री. राजन केशरी को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर सम्मान किया गया ।