यमुना नदी की स्वच्छता संतोषजनक नहीं ! – राष्ट्रीय हरित लवादा
सरकारी तंत्र को शाब्दिकरूप में फटकारने का कोई उपयोग नहीं; कारण उनकी चमडी गेंडे समान मोटी हो गई है ! इसलिए ऐसों को कठोर दंड देना ही आवश्यक है !
सरकारी तंत्र को शाब्दिकरूप में फटकारने का कोई उपयोग नहीं; कारण उनकी चमडी गेंडे समान मोटी हो गई है ! इसलिए ऐसों को कठोर दंड देना ही आवश्यक है !
अनेक राज्यों में गोहत्या बंदी होते हुए भी कोई भी राजनीतिक दल गोतस्करी करनेवालों पर कार्यवाही हो; इसके लिए न्यायालय नहीं जाता, इसे ध्यान में लें !
रिक ओस्टरलोह कहते हैं कि भारत में बनाया गया पहला ‘पिक्सेल ८’ र्स्माटफोन वर्ष २०२४ में बाजार में आएगा । इसके लिए गूगल भारत में उसका हार्डवेयर बनाने के लिए भागीदारों की सहायता लेनेवाला है ।
भारतीय न्यायव्यवस्था कूर्मगति से चलती है, यह बात अब नई नहीं है और इस व्यवस्था को भी यह ज्ञात है । प्रश्न ऐसा है कि इस स्थिति में परिवर्तन लाने की इच्छाशक्ति कौन और कब दिखाएगा ?
न्यायालय का मत, अभिव्यक्ति स्वतंत्रता की रक्षा करना आवश्यक
ऐसे सांसदों की सदस्यता रद्द करनी चाहिए !
मुसलमान उनके धर्म के अपमान के विषय में कितना संवेदनशील रहते हैं और तुरंत इसका विरोध करते हैं, यही इससे दिखाई देता है ।
भारत के विरोधी दलों के नेता पैलेस्टाईन के भारत के राजदूत से मिले ! इस्राईल के लोगों पर किए गए आक्रमणों के विषय में रहे मौन !
विधि बदलने का काम संसद का है, न्यायालय का नहीं! – सर्वोच्च न्यायालय ने किया स्पष्ट !
भूतपूर्व क्रिकेट खिलाडी शिवरामकृष्णन् ने ‘जय श्रीराम’ के नारे पर प्रश्न उपस्थित करनेवाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई को फटकारा !