S Jaishankar meets families Qatar : भारतीय नौसेना अधिकारियों के परिजनों को मिले विदेशमंत्री !
भारत के भूतपूर्व नौसेना अधिकारियों को कतर द्वारा मृत्युदंड देने का प्रकरण
भारत के भूतपूर्व नौसेना अधिकारियों को कतर द्वारा मृत्युदंड देने का प्रकरण
भारत को अपने ही देश में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?, यह कहने का अधिकार इस संगठन को किसने दिया ? भारत के अंतर्गत प्रश्न में नाक न घुसेडें, ऐसी चेतावनी भारत को इस संगठन को देनी चाहिए !
कनेरिया जब पाकिस्तान ‘टीम’ में खेल रहे थे, तब उनके मुस्लिम सहखिलाडियों द्वारा उनको इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया था । इस संदर्भ में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते समय कनेरिया ऐसा कहा ।
देहली उच्च न्यायालय ने देहली के रामलीला मैदान में ‘मुसलमान महापंचायत’का आयोजन करने की अनुमति अस्वीकार की !
किसी हिन्दू से मस्जिद की नींव रखवाना क्या अन्य मुसलमान संगठनों को मान्य है ?
धर्मनिरपेक्ष भारत में इसके अतिरिक्त और क्या उम्मीद की जा सकती है ? भारत में भ्रष्ट, जनताद्रोही, कामचोर प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों को क्षमा मांगने की आवश्यकता नहीं दिखाई देती ; लेकिन आध्यात्मिक परम्पराओं का पालन करनेवालों के साथ ऐसा होता है यह लज्जास्पद !
भारत को अस्थिर करने का प्रयत्न करनेवाले कैनडा के विरोध में ऐसे कदम उठाना आवश्यक ही था । अब भारत सरकार को ऐसे ही कठोर भूमिका अपनाते हुए कैनडा के साथ व्यापारी स्तर के संबंध तोडकर उसे उसकी जगह दिखा देनी चाहिए !
मदरसों से और क्या सिखाया जाता है, इसे अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है ! सरकार को अब देश के मदरसों पर ही प्रतिबंध लगा देना चाहिए, यही इससे स्पष्ट होता है । भारत में यदि इजराइल जैसी व्यवस्था होती, तो यह कब का हो चुका होता !
मजबूत भारत ऐसी कार्यवाही करे, इससे पहले ब्रिटेन, अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया बुद्धिमानी दिखाए तथा समय रहते ही उनके देश में रह रहे खालिस्तानियों पर कठोर कार्यवाही करें !