ईरान में हिजाब न पहननेवाली महिलाओं पर पुनः कार्रवाई आरंभ !

‘गश्त-ए-एर्शाद’ नामक सशस्त्र दल पहरा दे रहा है । इस दल द्वारा सर्वप्रथम हिजाब न पहननेवाली महिलाओं को चेतावनी दी जाती है । तब भी यदि महिलाएं हिजाब परिधान न करें, तो वैध कार्रवाई की जाती है ।

मुझफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की मस्जिद के बाहर सडक पर २५ मुसलमानों द्वारा नमाजपठन !

नमाजपठन का विरोध करने के लिए अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने सडक पर हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पठन करना प्रारंभ किया था । इसलिए उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों में सडक पर नमाजपठन प्रतिबंधित किया गया था । 

भूखा कंगाल पाक अपनी राजधानी इस्लामाबाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विदेशी प्रतिष्ठान को चलाने के लिए देगा !

भूखे कंगाल एवं कर्ज में दबे जिहादी पाकिस्तान पर उसकी राजधानी का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विदेशी प्रतिष्ठान को चलाने के लिए देने का समय आ गया है । इसके लिए उसने एक समिति की स्थापना भी की है ।

मेरठ (उत्तर प्रदेश) में बिजली की झटका लगने से ५ कावडियों की मृत्यु और १६ लोग घायल

आरोप है कि विद्युत् विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई यह घटना

(और इनकी सुनिए…) ‘समान नागरिकता कानून के कारण जनजातीय समुदायों को मिले विशेष अधिकार नष्ट होंगे !’ – मेघालय का कैथोलिक चर्च

‘सर्व धर्मियों से समान बर्ताव करना चाहिए’, ऐसी मांग करनेवाले ईसाई जब उस दृष्टि से सरकार के किए प्रयास का विरोध करते हैं, यह ध्यान में लें !

यमुना के जल के कारण राष्ट्रीय राजधानी में हाहाकार !

देहली का नीचला भाग पानी के नीचे जाने के कारण लाल किला के क्षेत्र में भी पानी घुस गया है । इसके साथ अनेक स्थानों कर रास्ते पर ट्रक तथा बस लगभग पूरे डूब गए हैं ।

म. गांधी ने अपने प्राण देकर पाक को विनाश से बचाया !

म. गांधी ने पाक को विनाश से बचाया; परंतु भारत को विनाश की खाई में ढकेल दिया, ऐसा देशभक्तों को लगता है !

सिंगापुर में भारतीय वंश के थरमन षणमुगरत्नम् राष्ट्रपति पद का चुनाव लडेंगे !

थरमन ने वर्ष २००१ में संसद सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया था । अबतक वह उपप्रधानमंत्री, तथा शिक्षा एवं वित्त मंत्री के साथ अनेक कॅबिनेट मंत्री पदों पर भी कार्य कर चुके हैं ।

राजस्थान में बंदी बनाए गए कुख्यात गुंडे कुलदीप जघीना की अन्य गुंडों द्वारा गोलियां से हत्या !

भूमि के व्यवहार पर कृपाल सिंह जघीना ने स्थगन आदेश (स्टे आर्डर) पारित करवाया था । इस कारण क्रोधवश कुलदीप जघीना एवं उसके साथीदारों को कृपाल सिंह ने गोलियों से हत्या कर दी थी ।