Aligarh Love Jihad : जिम इंस्ट्रक्टर रजा खान ने ‘राजा’ नाम का प्रयोग कर हिन्दू लडकी से बलात्कार किया !
उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ का नया प्रकरण सामने आया
धर्मांतरण के लिए दबाव
उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ का नया प्रकरण सामने आया
धर्मांतरण के लिए दबाव
क्योंकि सरकार धर्म परिवर्तन के विरुद्ध कठोर कानून और कार्रवाई नहीं कर रही है , इसलिए कांग्रेस के राज्य में ईसाई मिशनरियों द्वारा जो प्रथाएं अपनाई जा रही थीं , वही प्रथाएं वर्तमान सरकार के तहत देश में अभी भी प्रचलित हैं । इसलिए, यह स्थिति धार्मिक शासकों वाले हिंदू राष्ट्र को अपरिहार्य बनाती है !
जो अन्य धर्मों में गए हुए हिंदू हैं, उन्हें वापस हिंदू धर्म में लाने के लिए केंद्र और भाजपा शासित राज्यों को प्रयास करने चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज ने शुद्धिकरण का महत्व दिखाया है। अब उसी राह पर चलने का समय आ गया है !
हिन्दुओं को लगता है कि राजस्थान में भाजपा सरकार होने पर ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए । अब सरकार को इन अभियुक्तों को दंडित करने और राज्य में कट्टरपंथियों के लिए एक कानून बनाने की कोशिश करनी चाहिए!
ब्रिटिशों ने ईसाई धर्मप्रसार में आनेवाली गुरुकुल से धर्मशिक्षा इस बाधा को पहचानकर दो प्रकार के उपाय सुनिश्चित किए । उसमें पहला, ब्राह्मणों द्वारा अन्य समाज के लोगों पर अत्याचार किए जाने की अवधारणा फैलाकर उन्हें अप्रासंगिक प्रमाणित करना तथा दूसरा, उनके हाथ से विद्यालय छीनकर उन्हें मिशनरियों को सौंपना !
एक घटना जो धर्मांतरण-निषेध अधिनियम की आवश्यकता बताती है ! इससे पता चलता है कि ईसाई लोग हिन्दू नाम से संस्थाएं खोलकर चालाकी से हिन्दुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं !
इस प्रकार के धर्मान्तरण को रोकने के लिए यथाशीघ्र धर्मपरिवर्तन निरोधक अधिनियम को लागू करना होगा ।
ईसाई संस्था के अनैतिकता का अड्डा बनने का एक और उदाहरण। ध्यान दें कि छद्म सेक्यूलर कभी भी ऐसी संस्थाओं के विरुद्ध नहीं बोलते !
हिंदुओं को ऐसी धमकी दिल्ली, भारत में मिल रही है या पाकिस्तान में ? ऐसे विश्वविद्यालय शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि हिन्दू -विरोधी अड्डे बन गए हैं। इसलिए सरकार को ऐसे विश्वविद्यालयों पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए !
बलात् राज्य परिवर्तन के तुरंत उपरांत पूरे देश में अल्पसंख्यकों पर कई आक्रमण हुए । इस अत्याचार और हिंसा को वैश्विक समुदाय के सामने उजागर करना और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का समर्थन करना समय की मांग है ।