आतंकवाद विरोधी समूह को संदेह है कि उत्तर प्रदेश की एक हिन्दू नाबालिग लडकी के अपहरण तथा  बलपूर्वक धर्मान्तरण की घटना के पीछे जिहादी आतंकी संगठनों का संगठित नेटवर्क सक्रिय है ।

उत्तर प्रदेश में हिन्दू लडकी के धर्मान्तरण का प्रयास कर उसे जिहादी आतंकवादी गतिविधियों में प्रयोग  करने की घटना

फूलपुर (उत्तर प्रदेश) – यहां की एक नाबालिग हिन्दू लडकी को केरल ले जाकर उसका बलपूर्वक धर्मान्तरण  करने का प्रयास किया गया । इस घटना में पकडे गए दरकशा एवं कैफ से उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी समूह (ATS) ने गहन पूछताछ की । पूछताछ में पता चला कि धर्मांतरण के पश्चात इस लडकी का उपयोग आतंकी गतिविधियों में किया जाने वाला था ।

इस समूह को संदेह है कि यह प्रकरण किसी अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क से जुडा हुआ हो सकता है । संभव है कि ऐसा कोई नेटवर्क कार्यरत हो, जो विशेष रूप से नाबालिग, गरीब तथा असहाय हिन्दू लडकियों को लक्ष्य बनाकर उनका धर्मांतरण कर उन्हें जिहादी गतिविधियों में ढकेलने की प्रक्रिया रचता हो । समूह को यह भी संदेह है कि ऐसी घटनाओं के पीछे विदेशी आर्थिक सहायता भी हो सकती है ।


चौकसी के दौरान अधिकारियों ने दरकशा से पूछताछ करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि वह केरल में किसके संपर्क में थी, किन लोगों से उसकी मिलना हुआ। वह उन लोगों के संपर्क में कैसे आई । सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि पीडिता को जिहादी विचारधारा से जोडने का प्रयास किसने किया ।


आतंकवाद विरोधी समूह द्वारा आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स, केरल तक के यात्रा मार्ग, वित्तीय लेनदेन आदि की सघनता से जांच की जा रही है । यदि इस घुटनव में किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से संबंध सिद्ध होता है, तो आगे की कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा सकती है ।