प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का षडयंत्र, पादरी को बंदी बनाया गया ।

गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) की घटना

गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) – यहाँ के राहुल विहार बस्ती में हाल ही में पुलिस ने एक ईसाई पादरी और उसके एक सहयोगी को लोगों को लालच देकर धर्मांतरण कराने के आरोप में बंदी बनाया । हर रविवार को यहां एक घर में गुप्त रूप से प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता था । इस समय हिन्दुओं को विभिन्न आकर्षक प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म में धर्मांतरित किया जाता था ।

 १. मूल रूप से केरल निवासी पादरी विनोद, साहिबाबाद में रह रहा था । वह प्रेमचंद जाटव, जो पहले से ही धर्मांतरित ईसाई था, के घर में लोगों को बुलाकर ईसाई धार्मिक सभाएं आयोजित करता था ।

२. इस घटना की प्रबल गुप्ता ने पुलिस में सूचना दी थी । इस सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने उस घर पर छापा मारा तथा दोनों को बन्दी बना लिया ।

३. पुलिस अधीक्षक प्रियाश्री पाल ने कहा कि दोनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण प्रतिशोध कानून के अंतर्गत घटना प्रविष्ट की गई है ।

संपादकीय भूमिका

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होते हुए भी ईसाई पादरी दिनदहाड़े हिन्दुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं । ऐसे में यदि कोई कहे कि अब कानून में संशोधन कर मृत्यु दंड ( फांसी) की सजा का प्रावधान किया जाए, तो वह उचित ही होगा ।