Bangladeshi Intruders: तृतीयपंथी होने का दिखावा करने वाले बांग्लादेशी घुसपैठिये अब्दुल को मध्यप्रदेश में बंदी बनाया गया
बांग्लादेशियों को भारत में कुछ लोगों के सहयोग से ही घुसपैठ कर वर्षो तक भारत में रहने में सफलता मिलती है ।
बांग्लादेशियों को भारत में कुछ लोगों के सहयोग से ही घुसपैठ कर वर्षो तक भारत में रहने में सफलता मिलती है ।
भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप गोतस्करी के लिए घुसपैठ करनेवाले २ बांग्लादेशी नागरिकों की सीमा सुरक्षा दल के सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में मृत्यु हाे गई ।
भारत के कितने पूर्व एवं वर्तमान सांसदों तथा प्रमुख राजनेताओं ने भारत के प्रधानमंत्री से बांग्लादेश ही नहीं, अपितु भारत एवं पाकिस्तान में भी हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की है?
चीन, पाकिस्तान एवं बांगलादेश के किसी भी प्रकार से राजनैतिक सहयोग करने पर एकमत हुआ, तो उसका सीधा परिणाम भारत की सुरक्षा पर होगा ।
ऐसी कार्रवाई देशभर में प्रतिदिन होती रहनी चाहिए एवं उसी समय यह घुसपैठिये पुनः भारत में घुसपैठ नहीं करेंगे, इस ओर उतने ही सतर्कता से ध्यान रखना चाहिए !
इससे यह स्पष्ट होता है कि बांग्लादेश की सीमा पर भ्रष्टाचार हो रहा है अथवा सुरक्षा व्यवस्था में त्रुटियां हैं ।
सूचना अधिकार से सामने आई यह वास्तविकता केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता पर ही नहीं, अपितु देश की सीमावर्ती सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह उठानेवाली है !
बांग्लादेश सरकार द्वारा मंदिर को सुरक्षा न दिए जाने पर भारत सरकार की आलोचना।
इस समझौते की समय-सीमा अगले वर्ष समाप्त हो रही है ।
अगर राष्ट्रीय राजधानी में यह स्थिति है , तो देश के अन्य भागों में क्या स्थिति होगी , इसके बारे में न सोचना ही अच्छा है ! हिंदू राष्ट्र के पास इस स्थिति को बदलने का विकल्प नहीं है !