Bangladesh Temple demolition : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मुसलमानों ने धमकी देकर श्री दुर्गा देवी का मंदिर तोड दिया।

बांग्लादेश सरकार द्वारा मंदिर को सुरक्षा न दिए जाने पर भारत सरकार की आलोचना।

ढाका में श्री दुर्गा देवी मंदिर ध्वस्त किया गया

(इस फोटो/वीडियो को पोस्ट करने के पीछे हमारा उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि हिंदू विरोधियों द्वारा किए गए व्यंग्य के बारे में लोगों को जागरूक करना है। – संपादक)

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रेलवे की भूमि पर स्थित श्री दुर्गा देवी मंदिर को तोडा गया । कुछ दिनों पूर्व मुसलमानों ने हिन्दुओं को यह मंदिर हटाने के लिए समयसीमा दी थी, अन्यथा वे स्वयं ही इसे तोड देंगे, ऐसा कहा था । इसके अनुसार, मुसलमानों के दबाव में आकर रेलवे प्रशासन ने यह मंदिर तोड दिया । इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है ।

१. मुसलमानों ने हिन्दुओं को २४ जून की दोपहर १२ बजे तक मंदिर हटाने की समयसीमा दी थी, अन्यथा वे स्वयं ही मंदिर को तोड देंगे — ऐसी धमकी दी थी । इस धमकी के बाद स्थानीय हिन्दू नेताओं ने खिलखेत पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी ; परन्तु प्रशासन ने उनकी कोई सहायता नहीं की ।

२. बांग्लादेश रेलवे के ढाका विभाग के उपायुक्त तथा विभागीय इस्टेट अधिकारी महंमद नासिर उद्दीन महमूद के आदेशानुसार यह मंदिर २६ जून के दिन तोडा गया ।

३. मंदिर तोडे जाने के समय वहां बड़ी संख्या में हिन्दू पुरुष एवं स्त्रियां उपस्थित थीं । मंदिर तोडा जा रहा था, उस समय उपस्थित सभी की आंखों में आंसू थे । मंदिर तोडने के लिए ढाका के पूर्वांचल आर्मी कैम्प से सैन्यबल और पुलिसबल को बुलाया गया । वहां बुलडोजर लाया गया । विरोध कर रहे हिन्दुओं को सेना ने वहां से हटा दिया । तत्पश्चात मंदिर को तोड दिया गया ।

४. हिन्दू समुदाय ने प्रशासन से ‘रथयात्रा’ सम्पन्न होने तक मंदिर तोडने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए स्थगित करने की विनती की थी ; किन्तु प्रशासन ने यह विनती अस्वीकार कर दी ।

५. मंदिर तोडने से पूर्व मंदिर की मूर्तियां निकालने का अवसर भी हिन्दुओं को नहीं दिया गया । इस कारण श्री कालीमाता तथा भगवान शिव की मूर्तियों को तोडा गया । पूजा सामग्री तथा अन्य धार्मिक वस्तुएं भी नष्ट कर दी गईं । यह मंदिर ५० वर्षों से अधिक समय से दुर्गापूजन का प्रमुख स्थान रहा है ।

रणधीर जयस्वाल ने कहा कि हिन्दुओं तथा उनकी सम्पत्ति के साथ-साथ उनकी धार्मिक संस्थाओं की रक्षा करना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का कर्तव्य है ।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयस्वाल

उन्होंने आगे कहा कि हमें ज्ञात हुआ है कि आतंकवादियों ने ढाका के खिलखेत क्षेत्र में स्थित श्री दुर्गा मंदिर को तोडने की मांग की थी । इसके पश्चात मंदिर को सुरक्षा देने के स्थान पर अंतरिम सरकार ने इस घटनाक्रम की दिशा ही मोड दी है । सरकार का कहना है कि “मंदिर अवैध भूमि पर बनाया गया था” । आज सरकार ने मंदिर तोडने की अनुमति दी, जिसके कारण मूर्तियों को स्थानांतरित करने से पूर्व ही उनका अपमान हुआ । बांग्लादेश में इस प्रकार की घटनाएं बारम्बार हो रही हैं, इसके विषय में हमें अत्यन्त निराशा है । हिन्दुओं, उनकी सम्पत्ति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करना बांग्लादेश सरकार का कर्तव्य है । बांग्लादेश की ओर से लंबित मूलभूत समस्याओं के समाधान की हम लम्बे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं । वाणिज्य सचिव स्तर की कई बैठकों में भारत ने पूर्व में इन विषयों को उठाया है।

संपादकीय भूमिका 

  • “यदि भारत में अमरनाथ यात्रा पर आक्रमण हुआ, तो यहां से हज यात्रा पर किसी को भी जाने नहीं दिया जाएगा” — यह चेतावनी शिवसेनाप्रमुख श्री बाळासाहेब ठाकरे ने कुछ दशक पूर्व दी थी । इसके बाद उस यात्रा पर कभी आक्रमण नहीं हुआ । यदि वे आज जीवित होते, तो ‘यदि पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में हिन्दुओं के मंदिरों पर आक्रमण हुए, तो भारत में कट्टरपंथियों के धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं रहेंगे’ — ऐसी ही कठोर चेतावनी उन्होंने दी होती, ऐसा हिन्दू समाज को लगता है ।
  • पिछले अनेक दशकों से बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उनका वंशविच्छेद किया जा रहा है ; परन्तु भारत ने कभी भी इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और आज भी नहीं ले रहा, यह हिन्दुओं का दुर्भाग्य है । इसके विपरीत इस्लामी राष्ट्र विश्वभर के मुसलमानों के लिए संगठित होकर आवाज उठाते हैं।