Bangladeshi Intruders: तृतीयपंथी होने का दिखावा करने वाले बांग्लादेशी घुसपैठिये अब्दुल को मध्यप्रदेश में बंदी बनाया गया

२० वर्षों से मुंबई में रहता था ।

भोपाल (मध्यप्रदेश) – पुलिस ने अब्दुल कलाम नामक बांग्लादेशी घुसपैठिये को बंदी बनाया है। अब्दुल कलाम पहले मुंबई में रहता था । पिछले ८ वर्षों से वह ‘नेहा’ नाम अपनाकर तृतीयपंथी होने की झूठी पहचान के आधार पर भोपाल शहर में रह रहा था । अब्दुल ने १० वर्ष की आयु में भारत में प्रवेश किया था । भोपाल में बसने से पहले वह लगभग २० वर्षों तक मुंबई में रहा । अब्दुल ने तृतीयपंथी की पहचान धारण कर स्थानीय तृतीयपंथी समुदाय का सक्रिय सदस्य बन गया ।

१. एक स्थानीय बिचोलिये की सहायता से अब्दुल ने नकली प्रमाणपत्रों (दस्तावेजों) के माध्यम से राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं पारपत्र (पासपोर्ट) जैसे महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र प्राप्त किए ।

२. इस नकली पारपत्र (पासपोर्ट) की सहायता से अब्दुल विदेश यात्रा भी करता था । उसने भोपाल के बुधवाडा क्षेत्र में कई बार अपना निवास स्थान बदला ।

३. अब्दुल महाराष्ट्र में तृतीयपंथियों के माध्यम से समाजविरोधी गतिविधियों में भी साझेदार था । इस कारण पुलिस यह जांच कर रही है कि उसकी यह नकली पहचान किसी बडे समूह की योजना का भाग है क्या ? तृतीयपंथी समाज के अन्य सदस्य इस धोखाधड़ी में सम्मिलित थे अथवा अनजाने में उसकी सहायता कर रहे थे, इसकी भी जांच की जा रही है ।

४. अब्दुल को नकली पहचानपत्र दिलवाने में सहायता करनेवाले दो स्थानीय युवकों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है । पुलिस को संदेह है कि भारत में घुसपैठ करने वालों के लिए नकली प्रमाणपत्र बनाने वाला एक बड़ा समूह सक्रिय है ।

संपादकीय भूमिका 

बांग्लादेशियों को भारत में कुछ लोगों के सहयोग से ही घुसपैठ कर वर्षो तक भारत में रहने में सफलता मिलती है । इसे ध्यान में रखते हुए घुसपैठियों पर कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें सहायता देनेवालों को भी कारागृह में डाल देना चाहिए ।