UK Politicians Demand : बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए कडे कदम उठाए जाएं !

ब्रिटेन के प्रमुख राजनेताओं एवं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कीर स्टार्मर सरकार से की मांग : 

ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन

लंडन (ब्रिटन) –ब्रिटेन के कई प्रमुख राजनेताओं, पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधियों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार से बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस के नेतृत्ववाली अंतरिम सरकार के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की मांग की है । उनका कहना है कि यह सरकार दक्षिण एशियाई देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एवं कल्याण काटने में विफल रही है । यह मांग ‘कंजर्वेटिव फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश’ नामक संस्था द्वारा आयोजित एक परिसंवाद में की गई । इस परिसंवाद की अध्यक्षता हैरो ईस्ट के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने की ।

१. इस परिसंवाद में यह स्पष्ट किया गया कि जब युनूस ने शेख हसीना की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई अवामी लीग सरकार को हटाने के पश्चात (५ अगस्त से २० सितंबर २०२४ की कालावधि में) अंतरिम सरकार के मुख्य परामर्शदाता का पदभार संभाला, तब हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा की २,०१० घटनाएं हुईं । उसके पश्चात भी हिंसा नहीं रुकी है । २१ सितंबर से ३१ दिसंबर २०२४ के मध्य १७४, एवं १ जनवरी से ३० जून २०२५ की कालावधि में २५८ घटनाओं का पंजीकरण किया गया है । इस समय पुलिस एवं सेना मूकदर्शक बनकर रही, यह भी देखने में आया । विगत ११ मास में युनूस की दायित्वहीनता, अपारदर्शी एवं बिना-चुनी हुई सरकार ने १६८ पत्रकारों के पंजीकरण परमिट निरस्त कर दिए एवं ४३ पत्रकारों को कारागृह में बंदी बनाया ।

२. वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक देश के आर्थिक विकास एवं राजनीतिक स्थिरता में योगदान करते हैं । इसलिए, उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना आवश्यक है, जिससे वे न्याय, शांति एवं सामाजिक सौहार्द स्थापित करने हेतु चुनाव प्रक्रिया में सहभाग ले सकें ।

३. युनाइटेड हिन्दू अलायंस (ब्रिटेन) के हराधन भौमिक ने कहा कि हिन्दू आज भय के साये में जीवन व्यतीत कर रहे हैं । उन्हें नींद नहीं आती; क्योंकि ‘कल क्या होगा ?’ यह उन्हें ज्ञात नहीं है । २६ जून को मुरादनगर में एक हिन्दू महिला पर कुमिल्ला के स्थानीय नेता ने बलात्कार किया एवं उसके नग्न अवस्था के वीडियो विश्व भर के सामाजिक माध्यमों से प्रसारित किए गए ।

४. ब्रिटेन के बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में बैरिस्टर प्रशांत बरुआ ने बांग्लादेश के समाज में बढ रहे कट्टरतावाद पर चिंता व्यक्त की । उन्होंने मलेशिया में बंदी बनाए गए ३६ बांग्लादेशी आतंकवादियों का उल्लेख किया एवं ढाका में हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (हूजी) संगठन की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बांग्लादेश में बढ रही कट्टरवादी शक्तियों के संकट को रेखांकित किया।

संपादकीय भूमिका 

भारत के कितने पूर्व एवं वर्तमान सांसदों तथा प्रमुख राजनेताओं ने भारत के प्रधानमंत्री से बांग्लादेश ही नहीं, अपितु भारत एवं पाकिस्तान में भी हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की है?