कनाडा ने भारत से उसके ४१ राजनयिकों को हटाया
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के प्रकरण में भारत पर आरोप लगाने के उपरांत से, भारत तथा कनाडा में विवाद निर्माण हुआ है ।
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के प्रकरण में भारत पर आरोप लगाने के उपरांत से, भारत तथा कनाडा में विवाद निर्माण हुआ है ।
गत कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका निकट भले ही आए हों, तब भी अमेरिका की मूल मनोवृत्ति भारत ने पहचान ली है और अब उसे भूलना नहीं है !
किसी की हत्या करने की हमारी सरकार की नीति नहीं; लेकिन यदि कनाडा हमारे साथ कुछ जानकारी का लेनदेन करने के लिए तैयार होगा, तो हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं ।
जो आतंकवाद एवं अलगाववाद की भाषा बोलते हैं, वे गिने-चुने लोग ही हैं । उन पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए । ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए कि अलगाववादियों के विचार सभी सिक्ख समाज के हैं !
इससे ध्यान में आता है कि कांग्रेस विधायक क्या करते हैं !
‘इप्सोस’ के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी डैरेल ब्रिकर ने कहा कि कनाडा में कंजर्वेटिव दल की सरकार स्थापित हो सकती है । इस सर्वेक्षण से ध्यान में आता है कि देश की दिशा के कारण असंतोष है ।
वे ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में इस प्रकार का विष-वमन (जहर उगलना) कर रहे थे । चंद्रशेखर ने इससे पूर्व भी श्रीरामचरितमानस की आलोचना की थी । साथ ही एक कार्यक्रम में मुहम्मद पैगंबर को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा था ।
गुनहगार जनप्रतिनिधि जनता क्या कभी कानून का शासन दे पाएंगे ? ऐसे लोगों को चुनाव में खडे रहने का अवसर देना, अर्थात समाज में अराजक फैलाने की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) देने समान है ! यह लोकतंत्र का पराभव है !
चीन के इस प्रकल्प का भारत सहित संसार के अनेक देशाें ने विरोध किया है, तथा कुछ देश अब इस प्रकल्प से बाहर भी निकल रहे हैं ।
जो व्यक्ति सनातन धर्म से इतनी घृणा करता है, वह इस योग्य भी नहीं है कि किसी मंदिर की सीढियों पर उसके छायाचित्र लगाए जाएं !