पाकिस्तान में विवाहित हिन्दू महिला का अपहरण कर किया बलात्कार !

पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों के लिए भारत सरकार पाकिस्तान को फटकार क्यों नहीं लगा रही है ?

पाकिस्तान में तोडा गया हिन्दू मंदिर !

भारत में अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर पथराव की अफवाह से भी देश में तनाव बढ़ता है; परंतु ध्यान रहे कि पाकिस्तान में हिन्दू मंदिरों को तोडने पर भी कोई मुंह नहीं खोलता !

(कहते हैं ) ‘श्रीराम मद्यपान करते थे, उन्हें आदर्श कैसे कहें ? – के.एस. भगवान

पाकिस्तान में अल्ला, पैगंबर, कुरान आदि का अपमान करनेवालों को फांसी का दंड दिया जाता है । वैसा ही दंड अब भारत में हिन्दू धर्म के संबंध में करने वाला कानून, केंद्र की भाजपा सरकार को करना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

ईसाई बनने पर १५ सहस्र रुपये एवं ‘सुंदऱ लड़की’ से विवाह का लालच देकर हिन्दू का धर्मांतरण !

प्रलोभन के आगे घुटने टेकने के बाद एक हिन्दू का धर्म परिवर्तन; परंतु पश्चाताप के कारण उन्होंने पुनः हिन्दू धर्म में प्रवेश कर लिया !

हरिद्वार (उत्तराखंड) की ७ मस्जिदों पर ३५ सहस्र रुपये का जुर्माना !

प्रत्येक बार इन मस्जिदों पर दृष्टि रखने के बदले मस्जिदों के भोंगे लगाने पर रोक लगाने की आवश्यकता है !

पाकिस्तान का कराची हवाई अड्डा गुंडों के नियंत्रण में !

‘संपूर्ण पाकिस्तान को गुंडे और जिहादी आतंकवादी ही चला रहे हैं’, यह ध्यान में आता है !

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य पर आतंकवादियों के आत्मघाती आक्रमण का षडयंत्र !

‘जिहादी आतंकवाद कब नष्ट होगा ?’, ऐसा प्रश्न प्रत्येक भारतीय के मन में पिछले अनेक वर्षों से आ रहा है । इस समस्या का हल निकालने के लिए भारत द्वारा पाकिस्तान को नष्ट करने के साथ साथ देश के धर्मांधों की जिहादी मानसिकता नष्ट करना आवश्यक है ।

अब्दुल रहमान मक्की ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी’ घोषित !

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी’ घोषित किया है । मक्की लष्कर-ए-तोयबा का प्रमुख और मुंबई पर हुए आक्रमण के मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद का साला है ।

सर्वोच्च नेता का कार्टून प्रकाशित करने के कारण ईरान के सेना प्रमुख की ओर से ‘शार्ली हेब्दो’ समाचारपत्र के संपादक को धमकी !

प्रचारमाध्यमों की स्वतंत्रता पर इस प्रकार प्रहार करनेवालों के विरोध में भारत के आधुनिकतावादी कभी बोलेंगे क्या ?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की !

केवल चिंता व्यक्त करने से कोई उपयोग नहीं । संयुक्त राष्ट्र संघ को इस पर कडे से कडे कदम उठाने की आवश्यकता है, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि ‘संयुक्त राष्ट्र´ केवल बिजूका (भुलावा) है !