इस्लाम स्वीकार करो या अफगानिस्तान छोडो़ ! – तालिबान द्वारा सिखों को धमकियां

खालिस्तानवादी इस विषय में क्यों नहीं बोलते  कि उन्हें पाक और अफगानिस्तान में सिखों पर किए जाने वाले अत्याचार स्वीकार हैं ?

तालिबान की सरकार और वैश्विक घटनाक्रम !

पाकिस्तान और चीन ने तालिबान को युद्ध हेतु सहायता की थी । इसीलिए तालिबान ने पाकिस्तान और चीन को शपथविधि समारोह का निमंत्रण भेजा । अर्थात तालिबान द्वारा उन्हें निमंत्रित करना स्वाभाविक ही था ।

पहले आपने जो आश्वासन दिए हैं, उन्हें पूर्ण कीजिए ! – संयुक्त राष्ट्रों ने तालिबान सरकार की सुनाई खरी-खरी !

तालिबानी सरकार के शिष्टमंडल ने पहली बार अमेरिका सरकार के साथ की गई चर्चा करने के उपरांत गुटरेस ने उसपर संयुक्त राष्ट्रों की यह भूमिका रखी है ।

कोई हमारी सरकार को कमजोर करने का प्रयत्न न करे ! – संयुक्त राज्य अमेरिका को तालिबान की अप्रत्यक्ष चेतावनी !

तालिबान जैसे नगण्य आतंकी, शक्तिशाली अमेरिका को चेतावनी देते हैं और अमेरिका चुप रहता है! यह तथ्य भारत और भारतीय सेना के शौर्य एवं महत्व को उजागर  करता  है !

(कहते हैं) ‘मोहम्मद गजनी १०वीं शताब्दी का प्रसिद्ध मुसलमान योद्धा था, जिसने सोमनाथ की मूर्ति तोडी थी !’

इससे तालिबानी सरकार भारत और हिन्दूद्वेषी है, यही स्पष्ट होता है ! भारत को ऐसे सरकार के साथ किसी भी प्रकार के संबंध न रखकर उसका बहिष्कार ही करना चाहिए !’

काबुल (अफगानिस्तान) में स्थित गुरुद्वारा में तालिबानियों द्वारा तोडफोड

कुछ लोगों को नियंत्रण में लेकर अपने साथ ले जाया गया !
पाकिस्तान के बल पर छलांग लगानेवाले खलिस्तानी इस विषय में चुप क्यों हैं ?

भारत के मुसलमान मौलवियों को अफगानिस्तान के महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अत्याचार की निंदा करनी चाहिए ! – डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की मांग

भारतीय मुसलमान मौलवियों को अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ हो रहे अभद्र आचरण एवं अमानवीय व्यवहार की निंदा करनी चाहिए, ऐसी भारत के देशभक्त नागरिकों की अपेक्षा है ।

तालिबान ने अफगानिस्तान का महिला कल्याण मंत्रालय बंद किया !

क्या भारत के तालिबान प्रेमी, महिला नेता, गणमान्य महिलाएं एवं संपूर्ण संसार के महिला संगठन, इस संबंध में बात करेंगे ?

तालिबान को भारत के मुसलमानों की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है !

भारत में, मस्जिदों में नमाज पढने वाले लोगों पर गोलीबारी नहीं की जाती तथा न ही उन पर बम द्वारा आक्रमण किया जाता है । यहां लडकियों को न पाठशाला जाने से रोका जाता है एवं न ही उनके सिर तथा पैर काटे जाते हैं ।

अमेरिका का युद्ध समाप्त; भारत का आरंभ !

अफगानिस्तान में तालिबानी अर्थात जिहादी राज्य लागू हुआ है । वर्तमान काल में अफगानिस्तान का प्रत्येक घटनाक्रम भारत की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है; क्योंकि उसका सीधा परिणाम भारत पर होगा ।