पिलीभीत (उत्तर प्रदेश) में ५०० धर्मांतरित सिखों की घरवापसी !
स्थानीय सिख संगठनों का दावा है कि, नेपाल के पादरी एवं कुछ स्थानीय पादरी ने आर्थिक प्रलोभन एवं उपचार सत्रों द्वारा सिखों को ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया ।
स्थानीय सिख संगठनों का दावा है कि, नेपाल के पादरी एवं कुछ स्थानीय पादरी ने आर्थिक प्रलोभन एवं उपचार सत्रों द्वारा सिखों को ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया ।
बहारे आलम नामक एक मुस्लिम युवक ने अपना नाम ‘राकेश’ बताकर एक अवयस्क हिन्दू लडकी को प्रेम जाल में फंसाया । तदुपरांत उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला ।
पुलिस विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार दिनांक ०१ मई को श्री राहुल गायकवाड अपने परिवार सहित उचाळेवस्ती (टाकळी-हाजी) स्थित निवासस्थान के समक्ष उपविष्ट थे ।
हिन्दू लडकियों में धार्मिक शिक्षा का अभाव होने के कारण ही वे मुसलमानों से विवाह करने तथा उनके लिए धर्म परिवर्तन करने को तैयार हो जाती हैं !
प्रलोभन व भय के आधार पर धर्म परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए ; क्योंकि सच्चा धर्म सबको सुख और शांति देता है । किसी भी परिस्थिति में लालच और भय के प्रभाव में आकर धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहिए, प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां एक कार्यक्रम में यह बात कही ।
प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा अमेरिका के ३६ देशों में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका में २० प्रतिशत और केन्या में ११ प्रतिशत लोग इस्लाम में परिवर्तित हो चुके हैं। इन दोनों देशों के जो लोग इस्लाम में परिवर्तित हुए वे पहले ईसाई थे।
भविष्य में इसी न्यायाधीश ने बलात्कार, हत्या आदि अपराध करनेवालों को भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर छोड देने का आवाहन किया, तो उसमें आश्चर्य कैसा !
प्रत्येक राज्य को ऐसा कानून बनाने के बजाय केंद्र सरकार को यह कानून पूरे देश के लिए लागू करना चाहिए। इसके लिए अब हिंदुओं को भी दबाव बनाने की आवश्यकता है !
धर्मपरिवर्तित पर्यटकों द्वारा उनके अपने देश में आतंकवादी कार्यवाहियां करने की संभावना
पिछले ४ दिनों से यह घटना राजस्थान और देश में घूम रही है, किसी भी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल या नेता ने इस पर अपना मुंह नहीं खोला है, क्योंकि आरोपी मुस्लिम हैं और पीडित हिंदू ।