Jharkhand Mother Teresa : झारखंड सरकार द्वारा चिकित्सा योजना का नाम मदर टेरेसा के नाम पर 

अटल बिहारी वाजपेयी का नाम हटाया गया, भाजपा का विरोध ।

रांची (झारखंड) – झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने ‘अटल मोहल्ला क्लिनिक’ का नाम बदलकर ‘मदर टेरेसा एडवांस क्लिनिक’ रख दिया है । भाजपा ने इस निर्णय का तीव्र विरोध करते हुए कहा कि यह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अपमान है । हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड की आत्मा का ही अपमान किया है और जनता ऐसे निर्णयों को कभी क्षमा नहीं करेगी । यह निर्णय तुच्छ राजनीति का प्रतीक है ।

झारखंड में वर्ष २०१९ में शुरू की गई ‘अटल मोहल्ला क्लिनिक’ योजना के माध्यम से शहरी झोपड़पट्टियों में निशुल्क और व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं ।

धर्मांतरण के इतिहास वाली संस्था का सम्मान – भाजपा

भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाह ने कहा कि ब्रिटिश लेखक क्रिस्टोफर हिचेन्स एवं अरूप चटर्जी ने अपनी पुस्तकों में मदर टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी’ पर धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं । वर्ष २०२१ में इस संस्था का ‘फेरा’ (फॉरेन एक्सचेंज रेग्युलेशन एक्ट – विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया गया था; क्योंकि जांच एजेंसियों को धर्मांतरण से संबद्धता और संविधानविरोधी गतिविधियों के प्रमाण मिले थे ।

(और इनकी सुनिए) ‘चिकित्सा सेवा के आधुनिकीकरण की पृष्ठभूमि पर नाम में बदलाव !’ – स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का स्पष्टीकरण

चिकित्सा सेवा के आधुनिकीकरण एवं नाम में क्या संबंध है ? इससे क्या लाभ होने वाला है ? यह नाम परिवर्तन केवल ईसाइयों को प्रसन्न करने के लिए ही किया गया है, यह स्पष्ट है !

रफान अंसारी

२४ जुलाई २०२५ को राजधानी रांची में हुई सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में इस नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई ।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि चिकित्सा सेवा के आधुनिकीकरण की पृष्ठभूमि में यह नाम बदला जा रहा है ।

संपादकीय भूमिका

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर प्रारम्भ की गई योजना का नाम बदलकर उसे एक विदेशी और धर्मांतरण की आरोपी महिला का नाम देना, यह झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की हिन्दूविरोधी मानसिकता को दर्शाता है !