Shaheen Bagh Conversion : देहली की शाहीनबाग में चलाया जाता है हिन्दू युवतियों के धर्मांतरण का केंद्र !

  • हरियाणा की पीडित हिन्दू युवती की रिहाई के उपरांत मिली जानकारी !

  • गिरोह का प्रतिबंधित संगठन ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ से है संबंध

इस्लाम न स्वीकारने वाली हिंदू युवतियों पर बलात्कार (AI द्वारा निर्मित प्रतीकात्मक चित्र)

नई देहली – शहर में कार्यरत इस्लामी गिरोह के द्वारा इस्लाम न अपनानेवाली हिन्दू युवतियों के साथ बलात्कार किए जा रहे हैं, ऐसा सामने आया है । इस गिरोह का मुख्य केंद्र देहली की शाहीनबाग में है तथा वहां युवतियों के साथ बलात्कार कर उन्हें बलपूर्वक इस्लाम अपनाने पर बाध्य किया जाता है । अब्दुल रहमान कुरैशी इस गिरोह का प्रमुख है । हरियाणा की एक पीडिता हिन्दू युवती को उसके चंगुल से छुडाने में पुलिस को सफलता मिली है ।

१. वर्ष २०१९ में हरियाणा की इस पीडित हिन्दू युवती का ‘फेसबुक’के माध्यम से जुनैद से परिचय हुआ था । जुनैद ने उसके साथ भावनात्मक द्रोह किया । जुनैद की बातों में आकर पीडित युवति घर से भागकर देहली चली आई ।

३. देहली की शाहीनबाग में स्थित छात्रावास में उस पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था । एक मौलाना (इस्लाम का अध्येता) वहां आकर हिन्दू धर्म के विरुद्ध बोलता था तथा इस्लाम से संबंधित वीडियो दिखाकर उसका बुद्धिभ्रम करता था ।

४. अप्रैल २०२५ में कुरैशी ने उसे अपने घर ले जाकर उसका बलपूर्वक धर्मांतरण कर उसका नाम ‘शिफा’ रखा । उसके उपरांत कुरैशी ने उसके गिरोह के सदस्य जुनैद से इस युवती का विवाह कराया ।

५. पीडित हिन्दू युवती के परिजनों ने हरियाणा में उनकी लडकी के लापता होने का परिवाद प्रविष्ट किया था । इस परिवाद के आधार पर अपराध पंजीकृत कर पुलिस ने अब्दुल रहमान कुरैशी को बंदी बनाया । कुरैशी को १४ दिन की पुलिस हिरासत दी गई है ।

६. इस संबंध में पुलिस दल ने देहली, गोवा, बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश में छापामारी कर इस गिरोह के १० सदस्यों को बंदी बनाया है ।

७. इस गिरोह के प्रतिबंधित संगठन ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पी.एफ्.आई.), ‘सोशल डेमोक्रॅटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एस्.डी.पी.आई.) तथा पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से संबंध हैं, यह स्पष्ट हुआ है ।

संपादकीय भूमिका

भारत में हिन्दू युवतियों का जीवन ध्वस्त करने के लिए विभिन्न गिरोह कार्यरत हैं; इसलिए उनकी रक्षा के लिए सरकार कदम उठाए, साथ ही अभिभावकों को उन्हें बचपन से धर्म की शिक्षा देना आवश्यक !