बलपूर्वक धर्मांतरण नहीं किया जा सकेगा, ऐसा प्रावधान किया जाएगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

  • विधान परिषद में भाजपा के विधायकों ने धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाई

  • धर्मांतरित ईसाइयों द्वारा झूठे प्रमाणपत्र (दस्तावेज ) दिखाकर आरक्षण का लाभ उठाया गया तो कार्रवाई निश्चित 

श्री. सचिन कौलकर, प्रतिनिधि, सनातन प्रभात

मुंबई, १७ जुलाई – सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, यदि अन्य धर्मों के लोगों ने झूठे प्रमाणपत्र (दस्तावेज ) दिखाकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित आरक्षण का लाभ लिया है, तो उनके जाति प्रमाणपत्र समाप्त किए जाएंगे । कोई व्यक्ति झूठा प्रमाणपत्र दिखाकर सरकारी नौकरी कर रहा हो अथवा चुनाव लड़ा हो, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी । बलपूर्वक, लालच देकर अथवा ठगी करके धर्मांतरण नहीं किया जा सकेगा, ऐसा प्रावधान हम करेंगे, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने १७ जुलाई को विधान परिषद में ध्यानाकर्षण सूचना का उत्तर देते हुए दिया । भाजपा के विधायक अमित गोरखे ने यह ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत की थी । इस चर्चा में भाजपा की विधायक श्रीमती चित्रा वाघ, विधायक प्रवीण दरेकर, श्रीमती उमा खापरे ने भाग लिया ।

विधायक अमित गोरखे ने कहा, ‘‘क्रिप्टो-क्रिश्चन’’ (क्रिप्टो ईसाई अर्थात जो जन्म से, नाम से और सरकारी रिकॉर्ड में हिन्दू होते हैं, लेकिन मन से धर्मांतरित ईसाई हो चुके होते हैं) इन लोगों द्वारा धर्मस्वातंत्र्य का दुरुपयोग कर विशेष रूप से अनुसूचित जाति-जनजाति, घुमंतू तथा विमुक्त जातियों के हिन्दू लोगों का धर्मांतरण किया जा रहा है । किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत उसका अंतिम संस्कार ईसाई पंथानुसार किया जाता है, तो इसका अर्थ है कि वह धर्मांतरित हो चुका है । ये लोग हिन्दू धर्म एवं आरक्षित जाति वर्ग का अनुचित लिखित पत्रों का उपयोग कर शिक्षा, नौकरी तथा चुनावों में आरक्षण का दुरुपयोग कर रहे हैं । यह घटनाएं नंदुरबार, सांगली, कोल्हापुर एवं अहिल्यानगर में हो रही हैं । इनके इस दंभ तथा झूठ के कारण राज्य के दुर्बल एवं वंचित वर्गों के वास्तविक लाभार्थियों को आरक्षण तथा शासकीय सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है । गुप्त रूप से ईसाई पंथ का आचरण करते हुए, लिखित पत्रों द्वरा हिन्दू धर्म तथा जाति के आधार पर आरक्षण लेना, यह अनैतिक कार्य है तथा यह संविधान को ठगना है । ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ।’’

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया जाए । – विधायक चित्रा वाघ, भाजपा

विधायक चित्रा वाघ

‘क्रिप्टो-क्रिश्चन’ लोग महिलाओं की धोखाधड़ी करते हैं, जिसके कारण महिलाएं आत्महत्या तक कर रही हैं । सांगली की ७ माह की गर्भवती हिन्दू महिला ने ईसाई पंथ को न अपनाने के कारण शारीरिक और मानसिक अत्याचार सहन किया । इस कारण उसने आत्महत्या कर ली । छत्रपति संभाजीनगर के बाल वसतीगृह की लड़कियों को बलपूर्वक ईसाई पंथ अपनाने के लिए विवश किया जा रहा था । इसलिए धर्मांतरण विरोधी कानून बनाना आवश्यक है ।

धर्मांतरण करनेवाली ईसाई संस्थाओं पर कार्रवाई करें – विधायक उमा खापरे, भाजपा

विधायक उमा खापरे

‘पंडित रमाबाई मिशन संस्था’ का विषय एक वर्ष से सदन में उठाया जा रहा है । कुछ संस्थाओं में लड़कियों को बलपूर्वक ईसाई बनाया जाता है, उन्हें पीटा जाता है तथा शौचालय साफ़ करवाया जाता है । ‘पंडित रमाबाई मिशन संस्था’ की मान्यता समाप्त की जाएगी, ऐसा कहा गया है । इस संस्था के जैसे अन्य ईसाई संस्थाओं की जांच कर उन पर कार्रवाई की जाएगी क्या ?

धर्मांतरण रोकने के लिए उपाय योजनाएं की जाएं । – विधायक प्रवीण दरेकर, भाजपा

विधायक प्रवीण दरेकर

मुंबई की झोपड़पट्टी में ईसाई मिशनरी निर्धनों का लाभ उठाकर लोगों को बही, पुस्तकें, वस्त्र देकर कहते हैं कि ‘हम संकट में आपकी सहायता करेंगे’ । वे निर्धनों को सम्मोहित करते हैं । मुंबई में ईसाई मिशनरियों का प्रशिक्षण चल रहा है, उनके स्थानों के नाम मैं बता सकता हूं । पुलिस भी धार्मिक विवाद टालने के लिए कुछ नहीं करती । धर्मांतरण रोकने के लिए उपाय योजना करनी चाहिए ।

धर्मांतरण के विरोध में कठोर कानून बनाएंगे ! – मुख्यमंत्री

भारत में स्वेच्छा से धर्म स्वीकारने पर प्रतिबंध नहीं है; लेकिन लालच देकर और बलपूर्वक धर्मांतरण करना स्वीकार्य नहीं है । धर्मांतरण की घटनाएं होती हैं, यह सत्य है । २६ नवम्बर २०२४ के दिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयानुसार, अनुसूचित जाति का आरक्षण केवल हिन्दू, बौद्ध तथा सिख ही ले सकते हैं । धर्मांतरण प्रकरणों में सभी संस्थाओं की सामूहिक जांच अथवा कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है । जिन संस्थाओं के विरुद्ध आपत्तिजनक प्रविष्टियां आती हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी । इस प्रकरण में पुलिस महासंचालक की अध्यक्षता में नियुक्त समिति ने धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून के दृष्टिकोण से अनुशंसा ( सिफारिश ) की रिपोर्ट प्रस्तुत की है । उस पर अध्ययन कर आवश्यक परिवर्तन किए जाएंगे ।