सरकारी भूमि पर अवैध धार्मिक निर्माण तोडना अनिवार्य है ! – उत्तराखंड उच्च न्यायालय की स्पष्टोक्ति
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने के लिए उत्तरदायी दोषी सरकारी अधिकारियों पर भी कडी कार्यवाही होनी चाहिए !
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने के लिए उत्तरदायी दोषी सरकारी अधिकारियों पर भी कडी कार्यवाही होनी चाहिए !
इतनी बडी मात्रा में अवैध निर्माणकार्य हो रहा था, तब क्या प्रशासन सो रहा था ? या फिर संबंधितों की ‘अर्थ’पूर्ण मिलीभगत है ? इसकी जांच कर सरकार को जो सत्य है, वही जनता के सामने प्रस्तुत करना होगा एवं संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों को आजन्म कारागृह में कैद करें ।
इस घटना से यह स्पष्ट है कि हिन्दुत्वनिष्ठ ही नहीं, अपितु उनके समर्थक भी अब असुरक्षित जीवन जी रहे हैं !
सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थ यात्रियों को निकटवर्ती नगरों में रुकने के लिए बताया गया है ।
हिन्दुओं के तीर्थस्थल का इस्लामीकरण करने का यह षड्यंत्र कब तोडा जाएगा ?
प्रतिवर्ष सर्दियों में यह मंदिर बंद रखा जाता है एवं गर्मियों में वह खोला जाता है । २२ अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का प्रारंभ हुआ है ।
भारतीय दंड संहिता २९५ अ के अंतर्गत आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध अपराध को निरस्त करने की मांग को अस्वीकार करते हुए न्यायालय ने यह मत व्यक्त किया है ।
सर्दियों में यह मंदिर बंद रखा जाता है । सर्दियां समाप्त होने के पश्चात पुनः खोला जाता है । यहां गत ३ दिनों से बर्फबारी हो रही है ।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा २२ अप्रैल अर्थात अक्षय तृतीया से प्रारंभ हो गई है । यात्रा के लिए २१ अप्रैल तक १६ लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है ।
यहां के विनोदी कलाकार यश राठी ने भगवान श्रीराम के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की है; इसलिए उनके विरुद्ध पुलिस थाने में परिवाद दर्ज कराया गया है ।