धर्मकार्य के लिए आपका चुना जाना, यह सौभाग्य की बात ! – स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती
हम स्वयं कुछ नहीं करते, भगवान ही हमसे करवा लेते हैं । धर्मप्रसार के कार्य के लिए आपको चुना जाना सौभाग्य की बात है । यह धर्म की रक्षा का कार्य है ।
हम स्वयं कुछ नहीं करते, भगवान ही हमसे करवा लेते हैं । धर्मप्रसार के कार्य के लिए आपको चुना जाना सौभाग्य की बात है । यह धर्म की रक्षा का कार्य है ।
हरिद्वार (उत्तराखंड) – यहां के कुंभमेले में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने के लिए जनजागृति होने हेतु हिन्दू जनजागृति समिति तथा सनातन संस्था की ओर सेे ‘संत संपर्क’ अभियान चलाया जा रहा है ।
कुंभपर्व में निहित वरीयताप्राप्त विविध अखाडों के साधु-संतों सहित लाखों श्रद्धालुओं ने गंगाजी में सोमवती अमावस्या का दूसरा पवित्र स्नान किया । इस अवसर पर ‘हरकी पौडी’ में विविध अखाडों के आचार्य और महामंडलेश्वरों सहित साधु-संत और लाखों श्रद्धालुओं ने गंगास्नान किया ।
बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री चारधाम सहित ५१ बडे मंदिर देवस्थान बोर्ड के नियंत्रण अर्थात सरकारीकरण से शीघ्र ही मुक्त किए जाएंगे, राज्य के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ऐसी घोषणा की है ।
सनातन संस्था केवल संस्था नहीं है, अपितु वह ईश्वर की वाणी है । मुत्तुरू, कर्नाटक की सच्चिदानंद वेद वेदांत पाठशाला के स्वामी बोधानंदेंद्र सरस्वती महाराजजी ने ऐसा प्रतिपादन किया ।
बैरागी अखाडे के अनेक साधु संतों के अखाडों को बिजली की सुविधा के साथ अन्य आधारभूत सुविधाएं अभी तक उपलब्ध नहीं हुई हैं ।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने १ अप्रैल से प्रारंभ होने वाले कुंभ मेले के दौरान प्रति दिन कोरोना के ५० सहस्त्र परीक्षण करने का आदेश दिया है । कुंभ मेला क्षेत्र में सभी पार्किंग स्थानों एवं स्नान घाटों पर मोबाइल चिकित्सा दलों को नियुक्त किया जाना चाहिए ।
कोरोना के बढते हुए संसर्ग को देखते हुए, कुंभ मेला क्षेत्र में शीघ्र ही प्रतिदिन ६ सहस्त्र व्यक्तियों का कोरोना का परीक्षण किया जाएगा ; यह सूचना हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी संभू कुमार झा ने दैनिक सनातन प्रभात के एक संवाददाता से बात करते हुए दी ।
राज्य के शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने घोषणा की है कि, कुंभ मेले के लिए आने वाले संतों का अच्छा प्रबंधन हो, इसलिए एक विशेष समिति बनाई गई है ।