(और इनकी सुनिए…) ‘जाति के नाम पर सनातन धर्म ने किया देश का विभाजन !’ – तमिलनाडू विधानसभा अध्यक्ष अप्पावू
अंग्रेजों ने वर्ष १७९५ में छुद्रों सहित प्रत्येक को स्वामित्व का अधिकार दिया, तो वर्ष १९४७ तक, अर्थात १५० वर्षों में छुद्रों के पास भूमि क्यों नहीं थी ?