
नई दिल्ली – अमेरिका स्थित एक प्रतिष्ठान से प्राप्त विदेशी निवेश में अनियमितता पाए जाने के विषय में ‘न्यूजक्लिक’ इस समाचार वेबसाइट तथा उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के विरुद्ध की गई कार्यवाही को दिल्ली उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दिया।
इस विषय में न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा, ‘‘पुरकायस्थ के विरुद्ध की गई कार्यवाही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता पर सत्ता का मनमाना उपयोग है । जांच एजेंसियां ठोस प्रमाणों के बिना व्यापक जांच करती रहीं । प्रथम दर्शी रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सत्य मान भी लिया जाए, तब भी धोखाधडी तथा विश्वासघात का अपराध फौजदारी अपराध नहीं बनता । इसलिए प्रथम दर्शी रिपोर्ट को मानना कानून का दुरुपयोग है । जब किसी ने भी धोखाधडी की शिकायत नहीं की थी, तब भी जांच एजेंसियां इस प्रकरण की जांच करती रहीं ।’’
क्या है प्रकरण ?
दिल्ली पुलिस ने वर्ष २०२० में विदेशी निवेश में अनियमितता पाए जाने की घटना में ‘न्यूजक्लिक’ समाचार वेबसाइट के विरुद्ध प्रथमदर्शी रिपोर्ट प्रविष्ट की थी । इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (‘ईडी’) ने ‘मनी लॉन्डरिंग प्रतिबंधक कानून’ के अंतर्गत जांच कर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी । इसमें ‘न्यूजक्लिक’ को कुछ वर्षों में बडी मात्रा में विदेशी निधि मिलने की बात सामने आई थी । इस प्रकरण में इस समाचार वेबसाइट पर विदेशी निवेश, कथित आर्थिक अनियमितता तथा चीन से संबंधित प्रचार के आरोपों के कारण विवाद उत्पन्न हुआ था । वर्ष २०२३ में इस प्रकरण में अपराध प्रविष्ट किया गया था ।
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