Indian Crew Hit : अमेरिकी आक्रमण में तीन भारतीय मारे गए !

  • अमेरिका-ईरान युद्ध के समय ओमान सागर में हुई कार्रवाई

  • भारतीय जहाज पर मिसाइल दागी गई

  • २४ में से २१ भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया

  • अमेरिका का दावा है कि नाकाबंदी तोडकर हमला किया गया था ।

  • भारत ने कड़ा विरोध व्यक्त किया ।

मस्कट (ओमान) – ओमान सागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा तेल टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर मिसाइल द्वारा किए गए आक्रमण में तीन भारतीय नाविकों आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया तथा सुरेश की मृत्यु हो गई । ‘फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया’ के महासचिव मनोज यादव ने आक्रमण की पुष्टि की ।

२४ घंटे में दूसरा आक्रमण : जहाज पर २४ भारतीय ‘चालक दल के सदस्य’ (जहाज पर सहायक कर्मचारी) थे !

‘सेटेबेलो’ जहाज पर कुल २८ चालक दल के सदस्य सवार थे । इनमें २४ भारतीय, २ पाकिस्तानी, १ रूसी और १ यूक्रेनी नागरिक शामिल थे । जहाज चीन के लियानयुंगंग बंदरगाह से संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह जा रहा था । अमेरिका द्वारा जहाज पर मिसाइल दागे जाने के उपरांत, जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई । इसके पश्चात, ओमान की सशस्त्र सेना और नौसेना ने तुरंत बचाव अभियान आरंभ किया और २१ भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया । पिछले २४ घंटों में भारतीय चालक दलवाले जहाज पर अमेरिकी नौसेना द्वारा यह दूसरा बडा हमला है ।*

(और इनकी सुनिए…) ‘अमेरिका की नाकाबंदी तोडने के कारण हमला किया !’ – अमेरिका

अमेरिका ने आक्रमण को यह कहकर उचित ठहराया कि उसने १ अप्रैल से ही ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण रूप से नाकाबंदी कर रखी है । यूएसएस सेटेबेलो ने अमेरिकी नौसेना की चेतावनियों और निर्देशों का बार-बार उल्लंघन किया । अमेरिकी नाकाबंदी तोडने के बाद जहाज पर हमला किया गया ।

भारत ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया: कडा विरोध व्यक्त किया गया !

अमेरिका की इस कार्रवाई से भारत और अमेरिका, दोनों मित्र देशों के बीच राजनयिक संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं । इस घटना के पश्चात, विदेश मंत्रालय में भारत के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने विदेश मंत्रालय में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया और अमेरिका की इस कार्रवाई की कडी निंदा की । भारत ने चेतावनी दी है कि भारतीय नौसैनिकों को खतरे में डालनेवाली किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सहन नहीं किया जाएगा । अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों को लक्ष्य बनाना तुरंत बंद करना चाहिए । इस पर अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘हम इस मामले पर भारतीय सरकार के साथ सीधे संपर्क में हैं’।

भारत स्थिति पर दृष्टि रखे है ! – विदेश मंत्रा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से दृष्टि रख रहा है । ओमान के अधिकारी बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं । क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे आक्रमण गंभीर चिंता का विषय हैं । हम अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को तत्काल कम करने और राजनयिक समाधान निकालने के लिए चल रही बातचीत को समाप्त करने का अपना आह्वान दोहराते हैं । यदि ये तनाव हल हो जाते हैं, तो क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सकती है ।

संपादकीय भूमिका

भारत को अमेरिका की दादागिरी का केवल मौखिक विरोध करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे ऐसा सबक सिखाना चाहिए जिसे वह हमेशा याद रखे !