कब्रें १०० वर्षों से भी अधिक समय से अस्तित्व में हैं; केवल इसलिए वे ‘संरक्षित स्मारक’ नहीं हो सकतीं ! – मद्रास उच्च न्यायालय

मद्रास उच्च न्यायालय ने कुछ समय पूर्व ही दिए एक आदेश में कहा है कि १०० वर्षों से भी अधिक समय से कब्रें हैं; केवल इसलिए वे ‘प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम,१९५८’ कानून के अंतर्गत ‘संरक्षित स्मारक’ के रूप में घोषित करने का कारण नहीं हो सकता ।

वन्दे भारत एक्स्प्रेस गाडी का रंग नीले के स्थान पर भगवा करेंगे !

प्रत्येक बात की राजनीति करनेवाले हिन्दूविरोधी राजकीय पक्षों ने अब इसपर रेलवे का ‘भगवाकरण’ करने की बांग लगाई, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !

(…. और इनकी सुनिए) ‘समान नागरी कानून प्रथम हिन्दू धर्म पर लागू करें !’ – द्रमुक के नेता टी.के.एस्. एलंगोवन

स्वयं को नास्तिकतावादी कहलवानेवाले द्रमुकवालों से इससे भिन्न और क्या अपेक्षा की जा सकती है ?

तमिलनाडु के उर्जामंत्री सेंथिल बालाजी को बंदी बनाए जाने पर उनकी छाती दुखने लगी !

कारागार जाने से बचने के लिए बंदी बनाए जाने पर राजनेताओंको प्रायः होनेवाला रोग ! ऐसे लोगोंपर दया नहीं, कार्यवाही होनी चाहिए !

तमिलनाडु की दो सगी बहनों ने की आत्महत्या; मुसलमान लडकों से करती थी प्रेम !

देश भर की घटनाओं को देखते हुए यह लव जिहाद का प्रकरण कैसे नहीं होगा ?

तमिळनाडु में ‘द केरल स्टोरी’ के सभी प्रदर्शन रहित !

यह है लोकतांत्रिक देश में दमन ! जिहादी मुसलमानों का षड्यंत्र बतानेवाले चित्रपट पर इस प्रकार की अघोषित बंदी लगाना नागरिकों की मूलभूत स्वतंत्रता के विरोध में है । इस संदर्भ में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना आवश्यक है !

चेन्नई में इस्लामी संगठन ने ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र का फलक फाड दिया ।

इस्लामिक स्टेट तथा लव जिहाद की विभीषिका दर्शाने पर कट्टर मुसलमान तथा उनके संगठनों को निश्चित ही मिरची लगेगी !

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के १०० मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रातः का अल्पाहार उपलब्ध कराने की योजना बनाई है !

द्रमुक मूल रूप से एक हिन्दू विरोधी पक्ष है और इसे मत न देना तमिलनाडु में हिन्दुओं के हित में है । यह उल्लेखनीय हैं कि गत अनेक दशकों के द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक छाप वहां के हिन्दुओं पर भी पड गई है ।

(ये कहते हैं !) ‘ईसाई धर्म प्रचारकों के धर्म प्रचार में कुछ भी अवैध नहीं है!’

ईसाई धर्म प्रचारकों ने यह भी दावा किया कि वे कुछ भी अवैध नहीं कर रहे हैं !

ईसाई धर्म स्वीकारने वाले दलितों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए ! – तमिलनाडू विधानसभा में प्रस्ताव सम्मत  

ऐसा प्रस्ताव सम्मत कर द्रमुक सरकार ने एकप्रकार से धर्मपरिवर्तन को प्रोत्साहन दिया है । इससे ईसाई धर्मप्रचारक दलितों का बडी मात्रा में धर्मपरिवर्तन करेंगे । हिन्दू धर्म के बल पर उठे द्रमुक सरकार को नीचे लाने हेतु अब वहां के हिन्दुओं को ही प्रयास करना आवश्यक है  !