असम में आसामी मुसलमानों को मिलेगा स्वतंत्र परिचयपत्र !
असम में भाजपा की सरकार ने राज्य के मुसलमानों के लिए स्वतंत्र परिचयपत्र देने का प्रस्ताव रखा है । जिसकों मुसलमानों के राजनीतिक दलों द्वारा विरोध किया जा रहा है ।
असम में भाजपा की सरकार ने राज्य के मुसलमानों के लिए स्वतंत्र परिचयपत्र देने का प्रस्ताव रखा है । जिसकों मुसलमानों के राजनीतिक दलों द्वारा विरोध किया जा रहा है ।
इन आतंकवादियों को अब फांसी के फंदे तक ले जाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास करने आवश्यक !
उत्तर प्रदेश में उनकी 300 करोड रुपए की संपत्ति थी !
जिन जिलों में ‘हिन्दू बहुसंख्यक’ नहीं हैं, न्यूनतम उन जिलों में तो हिन्दुओं को ‘अल्पसंख्यक’ घोषित किया जाए । असम में ऐसे अनेक जिले हैं, जहां हिन्दू अल्पसंख्यक हैं । उनमें भी कुछ जिलों में हिन्दुओं की संख्या ५ सहस्र से भी अल्प है और वहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं ।
‘अल्पसंख्यक’ कहलानेवाले समाज द्वारा ८० करोड जनसंख्या की हत्या करने की धमकी मिलनेवाला विश्व का एकमात्र देश भारत !
क्या अभी तक असम के किसी मुख्यमंत्री ने इतनी कठोरता से मुसलमानों को सुनाया था ? असम के हिन्दुओं की रक्षा करने के लिए सरमा कठोर कदम उठाएं, यही हिन्दुओं की भावना है !
१. असम सरकार द्वारा मदरसों में दी जानेवाली धार्मिक शिक्षा के स्थान पर वहां विद्यालयों के विषयों को सिखाने का कानून बनाया जाना ‘पिछले कुछ वर्षों से असम में हिन्दू एवं राष्ट्र प्रेमी सरकार सत्ता में है । वहां के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने राष्ट्र की एकता … Read more
असम में भाजपा की सरकार होते हुए, भाजपा को ऐसे मदरसों की पूछताछ कर, उनमें यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए !
आतंकियों को नष्ट करने के लिए, उनके निर्माता पाकिस्तान तथा बांग्लादेश को नष्ट करना आवश्यक !
गोवंश की तस्करी करनेवाले कल तक गोरक्षक और पुलिस पर आक्रमण करते थे, अब वे सैनिकों पर भी आक्रमण करने का साहस कर रहे हैं । यह देखते हुए ऐसे लोगों को फांसी का ही दंड देने का कानून बनाना आवश्यक है !