अजमेर दरगाह के पदाधिकारी के बेटे को खलिस्तानी आतंकवादियों की सहायता करने के प्रकरण में बनाया बंदी !

राजस्थान में कन्हैयालाल की हत्या प्रकरण में भी अजमेर दरगाह के एक सेवक को बंदी बनाया था । कुल मिलाकर इस दरगाह का किस-किस से संबंध है, इसकी कडी जांच होनी चाहिए !

जिहादी आतंकवाद के विरुद्ध रणनीति सिद्ध करनेवाली संयुक्त राष्ट्र की बैठक भारत में आयोजित होगी !

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘आतंकवाद प्रतिबंधक समिति’ की महत्त्वपूर्ण बैठक २८ तथा २९ अक्तूबर को भारत में हो रही है । २८ अक्तूबर को मुंबई एवं २९ अक्तूबर को देहली में यह बैठक आयोजित की गई है ।

पाकिस्तान के आतंकवादी को ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी’ घोषित करने के लिए चीन ने पुन: किया विरोध !

विश्व के सभी देशों को संगठित रूप से चीन की ऐसी कार्यवाहियों का विरोध करना आवश्यक है !

कोईंबतूर (तमिलनाडू) के मंदिर के पास हुए विस्फोट के पीछे आतंकियों का हाथ होने के संदेह को लेकर पूछताछ

कोईंबतूर में कोट्टई ईश्वरम् मंदिर के पास २३ अक्टूबर को एक चौपहिया वाहन में हुए विस्फोट में क्या आतंकियों का हाथ हो सकता है ?, इस दिशा में तमिलनाडू पुलिस जांच कर रही है ।

जिहाद का संरक्षक पाकिस्तान ‘एफ.ए.टी.एफ’ की ब्लैकलिस्ट सूची से बाहर !

जिहादी आतंकवाद के संरक्षक पाकिस्तान को ४ वर्षाें से ‘एफ.ए.टी.एफ’ नेताओं की ब्लैकलिस्ट सूची से बाहर निकाल दिया गया है । पाकिस्तान ने इस निर्णय पर आनंद व्यक्त किया है तथा आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति स्थायी रूप से अपनाने की भूमिका प्रस्तुत की है । यद्यपि ऐसा है, तब भी अनेक तज्ञों के मतानुसार आतंकवाद पाकिस्तान सरकार के अधिकृत नीति का ही एक भाग है ।

पाकिस्तानी आतंकवादी को ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी’ घोषित करने से नकार दिया !

चीन स्वयं उसके देश में जिहादी आतंकवादी निर्माण न हों, इसलिए मुसलमानों को इस्लाम से दूर करने के लिए शिबिरों में रखकर उन पर अत्याचार कर रहा है !

शोपिया (जम्मू-कश्मीर) में आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंककर २ हिन्दू मजदूरों की हत्या कर दी

कश्मीर में जिहादी आतंकवाद चालू होने के ३३ वर्षों उपरांत भी वहां हिन्दू अभी भी असुरक्षित हैं, यह अभी तक की सभी पार्टियों की सरकारों के लिए लज्जास्पद ! यह स्थिति हिन्दू राष्ट्र को अपरिहार्य करती है !

‘जब तक जम्मू-कश्मीर को न्याय नहीं मिलता, तब तक कश्मीरी हिन्दुओं की हत्या होती ही रहेगी !’ – फारुख अब्दुल्ला

कश्मीर से हिन्दुओं का वंशसंहार करना, यही जिहादी आतंकवादी और कश्मीर के जिहादियों का लक्ष्य है । इसी से वे पिछले ३० वर्षों से हिन्दुओं को लक्ष्य बना रहे हैं । तो भी उस पर से ध्यान हटाकर अलग ही सूत्र रखने का प्रयास अब्दुल्ला जैसे कश्मीरी मुसलमान नेता कर रहे हैं, यह इससे ध्यान में आता है !