इस्लाम को बचाने के लिए भारत पर आक्रमण करो !’
भारत सरकार को इस आतंकवादी संगठन को सबक सिखाने के लिए कदम उठाने अत्यंत आवश्यक !
भारत सरकार को इस आतंकवादी संगठन को सबक सिखाने के लिए कदम उठाने अत्यंत आवश्यक !
केवल आतंकवादियों को मारने से कश्मीर में चल रहा जिहादी आतंकवाद नष्ट नहीं होगा, इसके लिए कश्मीर की जिहादी मानसिकता और आतंकवाद के निर्माता पाक को नष्ट करना आवश्यक है !
बांग्लादेश के कुष्टिया जिले के लाहिनी कर्माकर गांव में कुछ समय पूर्व ही आतंकवादियों ने दुर्गादेवी की मूर्ति की तोडफोड की ।
जब से हिमंत बिस्व सरमा मुख्यमंत्री हुए, तब से आतंकवादियों पर बडी मात्रा में कार्यवाहियां की जा रही हैं । असम में अब तक ४० आतंकवादियों को बंदी बनाया गया है । इससे स्पष्ट है कि वहां आतंकवाद ने हाथ-पांव फैला रखे हैं तथा उसको जड से उखाडने हेतु सरकार द्वारा कठोर कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा है !
‘आतंकवादियों का महिमामंडन होना, यह कभी भी अस्वीकार होकर इस माध्यम से जिहादी आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों को एक प्रकार से प्रोत्साहन तो नहीं मिल रहा ?’, यह देखना आवश्यक है ।
गुजरात आतंकवादविरोधी दल ने मादक पदार्थाें के विरुद्ध कोलकाता में कार्यवाही की । कार्यवाही में पूरे २०० कोटि रुपए के मादक पदार्थ नियंत्रण में लिए गए हैं ।
जिहादी आतंकवादियों ने स्वयं को उडाकर वहां विस्फोट का आयोजन किया ।
‘जिहादी आतंकवादियों का धर्म नहीं होता’, ऐसा कहने वाले अब कुछ नही बोलते; कारण उनका झूठ उजागर हो चुका है । हिन्दुओं को और उनके संतों को ‘आतंकवादी’ कहने वाले राजकीय पक्ष समाप्त होने के मार्ग पर हैं, यह ध्यान में लें !
ऐसे देशद्रोही मौलवी के देश का एक भी मुसलमान संगठन, नेता, धार्मिक नेता विरोध नहीं करता अथवा उनका निषेध नहीं करता, यह ध्यान में लें !
आतंकवादियों के अड्डे बने मदरसे उद्ध्वस्त करने वाली असम सरकार का आतंकवाद से ग्रस्त अन्य राज्य सरकारों को भी अनुकरण करना चाहिए, यही राष्ट्राभिमानी जनता की अपेक्षा है !