Farooq Abdullah : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला गोलीबारी में बचे !
आरोपी कमल सिंह जमवाल जम्मू का ही निवासी है । उसने स्वीकार किया कि वह पिछले २० वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारने का प्रयास कर रहा था ।
आरोपी कमल सिंह जमवाल जम्मू का ही निवासी है । उसने स्वीकार किया कि वह पिछले २० वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारने का प्रयास कर रहा था ।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला का आतंकवादियों का समर्थन करने वाला प्रश्न l
५ अगस्त २०१९ को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के निवासियों को विशेष स्थान तथा विशेषाधिकार देनेवाले अनुच्छेद ३७० एवं ३५ ए को निरस्त कर दिया था ।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के भारतीय सेना को लेकर दिए गए अमर्यादित बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा कश्मीर से धारा ३७० रद्द किए जाने के सरकार के निर्णय को सही ठहराने के विषय पर पूछे गए प्रश्न में अब्दुल्ला ने उपर्युक्त उत्तर दिया ।
धारा ३७० हटाए जाने के उपरांत जम्मू- कश्मीर में जल्द ही होने वाले चुनाव की पृष्ठभूमि पर हिंदू विरोधी फारुख अब्दुल्ला को श्रीराम की तथा हिन्दू विरोधी महबूबा मुफ्ती को भगवान शिव की याद आई, यह समझें !
‘१५ मिनटों के लिए पुलिस को हटाईए, १०० हिन्दुओं को पाठ पढाएंगे’, ऐसा कहनेवाले एम. आई. एम. के नेता अकबरूद्दीन आवैसी के बारे में अब्दुल्ला क्यों नहीं बोलते ?
कश्मीर से हिन्दुओं का वंशसंहार करना, यही जिहादी आतंकवादी और कश्मीर के जिहादियों का लक्ष्य है । इसी से वे पिछले ३० वर्षों से हिन्दुओं को लक्ष्य बना रहे हैं । तो भी उस पर से ध्यान हटाकर अलग ही सूत्र रखने का प्रयास अब्दुल्ला जैसे कश्मीरी मुसलमान नेता कर रहे हैं, यह इससे ध्यान में आता है !
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने हमेशा ही कश्मीरी हिन्दुओं के वंशविच्छेद के विषय में बोलना टाला है । उनके कार्यकाल में हिन्दुओं की हत्या होने के कारण वे भी इसके लिए उत्तरदायी हैं । ऐसे सभी लोगों पर मुकदमा चलाकर उन्हें दंड देना आवश्यक !
ऐसा प्रतिपादन कर, फारुख अब्दुल्ला स्वयं के लिए सहानुभूति प्राप्त कर रहें हैं । हिन्दुओं पर किए अत्याचारों के लिए कौन उत्तरदायी हैं, यह जनता समझ चुकी है ।