हापुड (उत्तर प्रदेश) के सेंट एंथनी विद्यालय में हिन्दू छात्रों को धर्मांतरण के लिए दिखाया गया लालच !

अनेक वर्षों से देखने में आ रहा है कि पूरे देश के कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू छात्रों पर ईसाई धर्म के संस्कार थोपे जाते हैं । सरकार को अब ऐसे विद्यालयों पर कडी कार्रवाई करने के साथ ही कडे कानून बनाना भी आवश्यक है !

धोखाधडी से हिन्दुओं का धर्मांतर रोकने की मांग करनेवाली याचिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अस्वीकार !

याचिका द्वारा इस संदर्भ में केंद्रसरकार से की थी आदेश देने की मांग !

मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा मस्जिद में हिन्दू युवक का धर्मांतरण !

भारत के प्रसारमाध्यम ऐसे समाचार छुपाते हैं एवं धर्म-निरपेक्षतावादी भी इस विषय में मौन रहते हैं, ये ध्यान में लें !

मुसलमान युवक द्वारा विवाहित हिन्दू महिला का अपहरण एवं धर्मांतर

संभल (उत्तर प्रदेश) में ‘लव जिहाद’का प्रकरण उजागर !

६०० वर्ष पूर्व कश्मीर में सभी लोग हिन्दू थे; धर्मांतरण के कारण वे मुसलमान हुए !

पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद का स्पष्टीकरण !

मणिपुर हिंसाचार : एक षड्यंत्र !

३३ लाख जनसंख्यावाले मणिपुर में ५० प्रतिशत से कुछ अधिक हिन्दू, ४४ प्रतिशत ईसाई एवं अन्य सब मुसलमान तथा बौद्ध हैं । मणिपुर में वर्तमान में नागरिक युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है तथा बडी संख्या में लोग भ्रमित अवस्था में हैं ।

‘लव जिहाद’ का वैश्विक षड्यंत्र रोकें !

लव जिहाद को रोकने के लिए हिन्दू लडकियों को हिन्दुओं का गौरवशाली इतिहास तथा महारानी पद्मावती द्वारा दिए गए बलिदान के विषय में बताना आवश्यक !

भूतबाधा दूर करने सहित पैसे का लालच दिखाकर हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करने का प्रयास !

आजमगढ (उत्तर प्रदेश) की घटना
दो महिलाओं को बंदी बनाया !

हिन्दू युवती पर बलात्कार कर धर्मांतर हेतु दबाव डालनेवाले तनवीर अहमद की प्रतिभूति (जमानत) अस्वीकार !

 रांची (झारखंड) में लव जिहाद का प्रकरण ! पीडिता का कहना है कि, मुंबई में आकर उसने मुझे मारा-पीटा । उसे मुझसे विवाह कर, मेरा धर्मांतर करना है । उसने मेरे परिवारवालों को जान से मारने की धमकी भी दी ।’

उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर बना ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण की कार्यवाहियों का अड्डा !

राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून होने पर भी इस प्रकार हिन्दुओं का सरेआम हो रहा धर्मांतरण अर्थात ईसाई मिशनरियों को कानून का डर नहीं रहा, यही स्पष्ट करता है । यह स्थिति उत्तरप्रदेश प्रशासन के लिए लज्जास्पद !