शत्रु की कमर टूटने के उपरांत ही देश में शांति होगी ! – मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त), मुख्य संपादक, चाणक्य फोरम, देहली

‘राष्ट्र की रक्षा शस्त्रों से ही करनी पडती है । भारत ने पाकिस्तान को बार-बार क्षमा की है । युद्ध में ३ बार हारने के उपरांत भी पाकिस्तान ने भारत पर पलटवार किया । ‘शत्रु को बार-बार क्षमा नहीं करनी चाहिए’, यह सनातन धर्म की सीख है ।

समस्त सृष्टि को चैतन्य प्रदान करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का चैतन्यमय पूजाघर !

वर्ष २०१४ से गुरुदेवजी के कक्ष में स्थित पूजाघर के विभिन्न अवसरों पर छायाचित्र खींचे गए । ‘लोलक’ के उपकरण से इन छायाचित्रों का परीक्षण किया गया ।

‘सात्त्विकता एवं धर्माचरण’ के बिना शाश्वत विकास असंभव ! – शॉन क्लार्क

देहली में संपन्न ‘ग्रामीण आर्थिक परिषद’ में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से शोध कार्य का प्रस्तुतीकरण

वास्तु आनंददायक हो, इस हेतु सदनिकाओं में (फ्लैट पद्धति में) वास्तुशास्त्र का उपयोग कैसे करें ?

प्रत्येक व्यक्ति को नया घर बनाने का अवसर नहीं मिलता, विशेषकर मुंबई-पुणे जैसे व्यावसायिक शहरों में अब सदनिका ही अधिक संख्या में होती हैं । ऐसी स्थिति में यहां ‘सदनिका में वास्तुशास्त्र का उपयोग कैसे करें ?’, इसकी जानकारी दे रहे हैं ।

अलंकार संबंधी सनातन की ग्रंथमाला

स्त्रियों के अलंकारों का अध्यात्मशास्त्रीय विवेचन

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा श्रीरामरक्षास्तोत्र का पाठ करने पर उनमें विद्यमान समष्टि भक्तिभाव के कारण श्रीराम के चित्र में विद्यमान समष्टि के कल्याण हेतु देवतातत्त्व कार्यरत होना

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी स्वयं के स्वास्थ्य-लाभ हेतु एक संत के बताए अनुसार प्रतिदिन श्रीरामरक्षास्तोत्र का पाठ करते हैं। ‘श्रीरामरक्षास्तोत्र का पाठ करने से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉक्टरजी पर क्या परिणाम होता है ?’, इसका अध्ययन करने हेतु एक परीक्षण किया गया।

निर्माण कार्य करते समय उसे ‘साधना’ के रूप में करने से उस निर्माण कार्य से बडे स्तर पर सकारात्मक स्पंदन प्रक्षेपित होते हैं !

निर्माण कार्य जैसी कृति (वास्तु का निर्माण) सेवाभाव से की, तो उस निर्माण कार्य में बहुत सात्त्विकता उत्पन्न होती है !

Mahakumbh 2025 : महाकुम्भ क्षेत्र में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के कार्य को संत-महंतों ने दिए आशीर्वाद !

विश्वविद्यालय के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के विषय में व्यक्त किए गौरवोद्गार !

इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा महाकुंभक्षेत्र में महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय के कक्ष को भेंट

इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) डॉ. नलिनी एवं वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) डॉ. सतीश ने महाकुंभक्षेत्र में लगाए गए महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय के कक्ष से भेंट की । प्रदर्शनी देखने के उपरांत उन्हें अत्यधिक आनंद हुआ ।

महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की प्रदर्शनी देखकर श्रद्धालुओं ने दी घोषणाएं !

गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं के एक समूह ने महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के कक्ष में लगाए गए सभी फलकों की जानकारी ली तथा कक्ष से वापस जाते समय स्वप्रेरणा से ‘हर हर महादेव’, ‘जय श्रीराम’ तथा ‘गंगा माता की जय’ के नारे लगाए ।