UP Bulandshahar Again Hindu Mandir : बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के मुस्लिम बहुल इलाके में एक और बंद हिन्दू मंदिर मिला ।
बुलंदशहर जिले के खुर्जा शहर के मुस्लिम बहुल सलमा हकन क्षेत्र में एक मंदिर मिला है । यह करीब ५० साल पुराना बताया जा रहा है।
बुलंदशहर जिले के खुर्जा शहर के मुस्लिम बहुल सलमा हकन क्षेत्र में एक मंदिर मिला है । यह करीब ५० साल पुराना बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में अब प्रशासन को ही सभी मुस्लिम बहुल इलाकों में मंदिरों को ढूंढने और उन्हें मुक्त कराने के लिए अभियान चलाना चाहिए । उन्हें उदारण के रूप में लेकर पूरे देश में ऐसा ही अभियान चलाया जाना चाहिए !
हम हिन्दू मंदिरों के ऊपर बनी यथासंभव मस्जिदों को हटा देंगे और वहां फिर से मंदिर बनाएंगे । हम भारत के हर हिन्दू मंदिर को वापस लेंगे।
कानपुर की भाजपा की महिला महापौर ने स्वयं प्रधानता लेकर मुसलमानबहुल क्षेत्र में जाकर इन मंदिरों को अतिक्रमणमुक्त किया, यह प्रशंसनीय है । अन्य शहर के हिन्दू संगठनों ने प्रधानता लेकर मुसलमानबहुल क्षेत्र में बंद पडे मंदिरों की खोज कर उनकी रक्षा के लिए सरकार पर दबाव बनाना आवश्यक !
देश के सभी मुस्लिम बहुल इलाकों की जांच कर यह पता लगाना चाहिए कि वहां और कितने मंदिर छिपाए गए हैं। इसे उजागर करने के लिए हिंदुओं को राज्य सरकारों पर दबाव बनाना चाहिए।
स्थानीय लोग इस मंदिर को २०० साल से भी ज्यादा पुराना मानते हैं। मंदिर की पुरानी इमारत की स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन और श्रद्धालुओं ने पहल की है।
देश के हिन्दुओं एवं मुसलमानों में दूरी उत्पन्न होने के लिए कांग्रेस द्वारा मुसलमानों के तुष्टीकरण हेतु बनाया गया पूजास्थल कानून ही उत्तरदायी है !
संभल में अतिक्रमण एवं बिजली चोरी के विरुद्ध कार्यवाही के चालू रहते यहां ४६ वर्षों से बंद शिवमंदिर मिला । यह मंदिर वर्ष १९७८ के हिन्दू-मुसलमान दंगों के समय बंद किया गया था ।
देश में मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा मंदिरों को नष्ट करने और मस्जिद बनाने की हजारों घटनाएं हैं। इन सभी स्थानों को हिन्दुओं को वापस दिलाने के लिए एक अलग टीम की स्थापना करनी होगी !
दुर्गाडी किले को अतिक्रमणमुक्त करने हेतु लडाई लडनेवाले प्रत्येक धर्मप्रेमी का अभिनंदन ! अब महाराष्ट्र सरकार राज्य के किलों पर मुसलमानों के द्वारा किए गए इस प्रकार के अतिक्रमणों को हटाने हेतु व्यापक अभियान हाथ में लेकर किलों को अतिक्रमणों से मुक्त करे, यह किलेप्रेमियों की अपेक्षा है !