इतिहास में कैसे मनाते थे दीपावली ?
भारत में अनेक वर्षाें से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है । पुराणकथाओं में भी ‘दीपोत्सव’ जैसे त्योहार के संदर्भ मिलते हैं, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है । पेशवाकाल सहित संतपरंपरा में इस त्योहार के संदर्भ मिलते हैं ।
भारत में अनेक वर्षाें से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है । पुराणकथाओं में भी ‘दीपोत्सव’ जैसे त्योहार के संदर्भ मिलते हैं, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है । पेशवाकाल सहित संतपरंपरा में इस त्योहार के संदर्भ मिलते हैं ।
इस दिन यम अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे, इसलिए इस दिन को यमद्वितीया कहते हैं ।
इस लेख से हम गुरुदेवजी के पूजाघर में स्थित सनातन-निर्मित श्री लक्ष्मीदेवी के चित्र की आध्यात्मिक विशेषताएं समझ लेते हैं ।
भैयादूज के निमित्त बहन को उपहार के रूप में चिरंतन ज्ञानामृत से युक्त सनातन संस्था के ग्रंथ भेंट कर, साथ ही राष्ट्र-धर्म के प्रति गौरव बढानेवाले ‘सनातन प्रभात’ का सदस्य बनाकर अनोखा उपहार दीजिए !
‘आश्रम में निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे सभी साधकों को देखकर मुझे अद्भुत लगा । आश्रम के साधकों के चेहरों पर मैंने अद्भुत शांति का अनुभव किया ।’
सभी पाठकों, शुभचिंतकों तथा धर्मप्रेमियों से नम्र निवेदन !
दीपावली का आनंद द्विगुणित करनेवाली सनातन की ग्रंथमाला : हिन्दू संस्कार एवं परंपरा
देहली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं राजस्थान में धर्माचरण विषय पर प्रवचन, देवी को कुमकुमार्चन एवं जानकारी पत्रक वितरित किए गए ।
युवाओं के संस्कार, सामाजिक विकृतियां और विश्वयुद्ध के संकट के विषय में मार्गदर्शन
गर्भावस्था में ही यदि शिशु को साधना के संस्कार दिए गए, तो उससे पूर्वजन्म के संस्कार नष्ट होने में सहायता मिलती है !