
१. ‘रामनाथी आश्रम में आने के बाद मुझे लगा कि आप सबके कारण ही हिंदुत्व की रक्षा हो रही है । मुझे लगता है कि हमारा देश जल्द ही ‘हिन्दू राष्ट्र’ बन जाएगा ।’ सनातन संस्था के कार्य और सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में आश्रम के साधकों द्वारा की जा रही साधना देखकर मैं धन्य हो गया ।
– श्री. देव भट्टाचार्या (अध्यक्ष, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन), वाराणसी, उत्तर प्रदेश.
२.‘आश्रम में निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे सभी साधकों को देखकर मुझे अद्भुत लगा । आश्रम के साधकों के चेहरों पर मैंने अद्भुत शांति का अनुभव किया ।’
– श्रीमती ऋतुपर्णा भट्टाचार्या, वाराणसी.
सात्त्विकता एवं संगठन ही राष्ट्र के उत्कर्ष की चाबी – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
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