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जयपुर (राजस्थान) – झोटवाडा में साधक श्री. किरण नोगिया के पारिवारिक समारोह में उपस्थित जिज्ञासुओं को संबोधित करते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने कहा कि ‘विश्व में विकृतियां बढ रही हैं और युद्ध का संकट भी मंडरा रहा है । इससे उबरने के लिए साधना करना ही अनिवार्य है ।’ इस अवसर पर युवाओं के संस्कार, सामाजिक चुनौतियां और अध्यात्म द्वारा समाधान आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन हुआ ।

आगे सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने कहा, ‘आज माता-पिता अपने बच्चों को उचित संस्कार नहीं दे पा रहे हैं । मोबाइल और सोशल मीडिया की नकारात्मकता युवा पीढी को अनुचित दिशा में धकेल रही है । समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण भी विकृत होता जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर समस्या है ।’
उन्होंने विश्व में बढते तीसरे विश्वयुद्ध के संकट पर चेतावनी देते हुए कहा कि ‘केवल कालानुसार साधना ही हमें इस संकट से उबार सकती है । नामजप, प्रार्थना, गुरु की कृपा और सत्सेवा ही जीवन में शांति, शक्ति और स्थिरता का मार्ग हैं ।’
समारोह में उपस्थित जिज्ञासुओं ने साधना के अनुभव साझा किए और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया ।
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