पुनः औरंगजेबी आक्रमण !
अल्पसंख्यक कहकर छूट लेकर भी औरंगजेब का किया जा रहा उदात्तीकरण, भारत के इस्लामीकरण का नियोजित षड्यंत्र है !
अल्पसंख्यक कहकर छूट लेकर भी औरंगजेब का किया जा रहा उदात्तीकरण, भारत के इस्लामीकरण का नियोजित षड्यंत्र है !
भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के पश्चात, उसके द्वारा विश्वकल्याण का कार्य होगा, यह आज तक का इतिहास है । इसलिए ‘सनातन भारत’ कहें, अथवा ‘हिन्दू राष्ट्र’ कहें अथवा ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र’ कहें, इन सभी का अर्थ एक ही है ।
साम्यवादियों की नकारात्मक विचारधारा के प्रभाव के कारण देश में हत्याकांड हुए । कार्ल मार्क्स के ‘कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो’ की विचारों की बलि चढे लोग भारत में साम्यवाद लाए । साम्यवादी विचारधारा राष्ट्रहित के लिए हानिकारक है ।
हिन्दुओं के लिए भले ही स्वर्णिम काल लगता हो, तब भी हमारे शत्रु की तैयारी हमसे अनेक गुना अधिक है, इसे हमें ध्यान में लेना होगा । आज सभी बाजुओं से हिन्दुओं पर आघात हो रहे हैं ।
ऋषि-मुनि एवं वैज्ञानिकों ने गंगानदी का बहुत वर्णन किया है । गंगा नदी में प्राणवायु का स्तर सब से अधिक है । गंगाजल में ‘बैक्टेरिया फॉस’ नामक विषाणु होता है । जिसके कारण गंगाजल खराब नहीं होता ।
आज का संघर्ष तलवार के जोर पर नहीं है, अपितु आर्थिक संघर्ष चल रहा है । ‘हलाल जिहाद’ मुसलमानों का आर्थिक संघर्ष है । हिन्दुत्व केवल उपासना-पद्धति नहीं, अपितु हिन्दुत्व राष्ट्रीयत्व है ।
आचार्य मिश्र में शिष्यत्व अर्थात निरंतर सिखने की वृत्ति है । वे सिखने के माध्यम से आनंद का अनुभव करते हैं तथा उससे उनकी साधना भी होती है ।
हिन्दुओं को अपनी स्वयं की विचारधारा निर्माण कर उसे गांव-गांवतक पहुंचाना होगा । इसके समन्वय के लिए हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति का गठन करना आवश्यक है ।
वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में ‘संविधान एवं हिन्दू राष्ट्र’ विषय पर आयोजित उद्बोधन सत्र में ‘हिन्दू राष्ट्र विरोधियों की काल्पनिक कथानकों का प्रचार’ विषय पर संबोधित करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे ।
हम काशी विश्वेश्वर की मुक्ति का बडा ध्येय लेकर मार्गक्रमण कर रहे हैं । इसके लिए सभी हिन्दुओं को संगठित होकर इस संपूर्ण परिसर के सर्वेक्षण की मांग पर दृढता से डटे रहना है ।