पान मसाला, गुटखा एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों का डेढ करोड रुपये से अधिक मूल्य का भंडार हस्तगत

  • अन्न एवं औषध प्रशासन विभाग का राज्यव्यापी अभियान

  • १०२ व्यक्तियों को कारावास, ८६ प्रतिष्ठान बंद किए गए

  • खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी अरोपों के लिए निःशुल्क संपर्क क्रमांक घोषित

मुंबई – राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला, गुटखा एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अन्न एवं औषध प्रशासन ने पूरे राज्य में ७ दिनों का छापेमारी अभियान चलाया , जिसमें १.५८,२८,६७७ रुपये मूल्य का अवैध भंडार हस्तगत किया गया एवं १०२ आरोपी बंदी बनाए गए । कुल २०३ प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई । साथ ही ८६ प्रतिष्ठानों को ताला लगाकर बंद कर दिया गया । (इन प्रतिष्ठानों के संबंध में किसी को कुछ भी ज्ञात न होने की घोषणा करना ये हास्यास्पद होगा । क्या इनके विरुद्ध कार्रवाई होगी ? – संपादक)

अन्न एवं औषध प्रशासन की ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र’ (सुरक्षित भोजन, सुरक्षित दवाएं एवं सुरक्षित महाराष्ट्र) पहल के अंतर्गत राज्य भर में मिलावटी, अस्वच्छ खाद्य उत्पाद बनाने वालों एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसायियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया । मिलावट के उत्पादों में आम, बूंदी लड्डू, मावा, बेकरी उत्पाद, कैंडी, दूध एवं दुग्धजन्य पदार्थ, गुड़, खाद्य तेल, घी, खजूर, आइसक्रीम, कुल्फी, फ्रोजन डेजर्ट, मसाले, मूंगफली की चिक्की तथा मिलावट के लिए प्रयुक्त होने वाली अन्य सामग्री सम्मिलित थीं ।

नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य प्राप्त होना उनका मौलिक अधिकार है । मिलावटी, घटिया गुणवत्ता वाला भोजन या प्रतिबंधित पदार्थों का उत्पादन एवं बिक्री करते पाए जाने पर इसके आगे से कठोर कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी अन्न एवं औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दी । खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर नागरिक अन्न एवं औषध प्रशासन से संपर्क करें । इसके लिए प्रशासन ने आरोप प्रविष्ट करने वाला ऐप विकसित किया है । नागरिक १८००२२२३६५ के दूरभाष क्रमांक पर या [email protected] ई‑मेल पर संपर्क कर सकते हैं । अरोप करते समय अपना नाम, पता, संपर्क क्रमांक, संबंधित प्रतिष्ठान का सटीक पता एवं किस खाद्य पदार्थ में मिलावट है, यह सूचना देने का प्रशासन ने अनुरोध किया है ।

 

संपादकीय भूमिका

  • सरकार को यह अभियान चलाकर अवैध वस्तुओं को नष्ट करना पडता है । यह संकेत है कि कानून का भय नहीं बचा है एवं भ्रष्टाचार बढ गया है । अवैध वस्तुओं का उत्पादन, व्यापार एवं बिक्री रोकने के लिए ठोस नीतियां बनानी चाहिए ।
  • दूरदर्शन समेत प्रत्येक स्थान पर दिखने वाले गुटखा एवं पान मसाले जैसे मादक उत्पादों के विज्ञापन सरकार को प्रथम बंद कराना चाहिए । एक ओर विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को प्रेरित किया जा रहा है एवं दूसरी ओर ऐसे उत्पादों के विरुद्ध कार्रवाइयाँ की जा रही हैं-यह कितना उचित है ?