हिन्दू जनजागृति समिति के ज्ञापन पर गोकुल दूध संघ का स्पष्टीकरण ।

कोल्हापुर – ‘कोल्हापुर जिला दूध उत्पादक संघ’ अर्थात् गोकुल द्वारा लिया गया ‘हलाल’ प्रमाणपत्र निरस्त किया जाए, इस मांग को लेकर २९ मई को गोकुल के मुख्य कार्यालय में हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । श्री. शिवानंद स्वामी के नाम से गोकुल दूध संघ ने इस ज्ञापन पर स्पष्टीकरण दिया है । इस स्पष्टीकरण में गोकुल ने ‘गोकुल के सभी उत्पाद संपूर्णतः सुरक्षित, शुद्ध एवं उच्च गुणवत्तावाले हैं तथा अन्नसुरक्षा के विषय में कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।’, ऐसा बताया गया है ।
१. गोकुल का दूध एवं दुग्धजन्य पदार्थ एफ्.एस्.एस्.ए.आई. (Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI)), आई.एस्.ओ. २२००० (ISO 22000), इआईसी (EIC) एवं एच्.ए.सी.सी.पी. (HACCP) जैसे गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा को सुनिश्चित करनेवाले भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों का कठोरता से पालन कर बनाए जाते हैं ।
२. दूध उत्पादक किसान एवं ग्राहक के मध्य का परस्पर विश्वास, अपनापन एवं सौहार्द ही गोकुल का मुख्य बल है तथा इस विश्वास को अबाधित रखने के लिए गोकुल दूध संघ सदैव कटिबद्ध है । (यदि दूध उत्पादक संघ इतना ही कटिबद्ध है, तो जब ‘हलाल’ प्रमाणपत्र लिया गया, उसी समय उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई ? गोकुल दूध संघ को दूध की आपूर्ति करनेवाले किसान हिन्दू हैं, तो वे इससे अनभिज्ञ क्यों हैं ? – संपादक)

३. ‘हलाल प्रमाणपत्र’ केवल कुछ देशों को निर्यात करने के लिए तकनीकी/व्यावसायिक प्रमाणपत्र है । (‘हलाल’ प्रमाणपत्र मुसलमान संगठन ही देते हैं तथा उसे देनेवाले ‘जमियत उलेमा हिन्द’ इस संगठन पर आतंकियों के समर्थन का आरोप है, उस पर ‘गोकुल’का क्या कहना है ? आतंकियों का खुलेआम समर्थन करनेवाले तथा उन्हें अधिवक्ता उपलब्ध करानेवाले मुसलमान संगठन से ‘गोकुल’ ने प्रमाणपत्र क्यों लिया ? क्या ऐसा करना आतंकियों का समर्थन करने जैसा नहीं है ? – संपादक)
४. वर्तमान स्थिति में गोकुल दूध संघ के किसी भी उत्पाद के निर्यात की कोई भी कार्यवाही नहीं चल रही है; इसलिए संबंधित प्रमाणपत्र का उपयोग नहीं किया जाएगा ।
५. आपके द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में स्थित सूत्रों का उचित संज्ञान लिया गया है, इसलिए इस विषय में कोई भी अवधारणा नहीं होनी चाहिए ।
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