गंगा नदी की वैज्ञानिकता एवं गंगा की रक्षा के लिए किए प्रयास

ऋषि-मुनि एवं वैज्ञानिकों ने गंगानदी का बहुत वर्णन किया है । गंगा नदी में प्राणवायु का स्तर सब से अधिक है । गंगाजल में ‘बैक्टेरिया फॉस’ नामक विषाणु होता है । जिसके कारण गंगाजल खराब नहीं होता । गंगाजल पिने से स्वास्थ्य सदा ही अच्छा रहता है । कोरोना महामारी के समय गंगा नदी के तट पर बसे नगरों में कोरोना के रोगी अन्य नगरों से अल्प दिखाई दिए साथ ही ठीक होनेवाले लोगों की संख्या भी अधिक दिखाई दी । केवल कोरोना ही नहीं, अपितु कर्करोग जैसी अन्य बीमारियां भी गंगाजी के पानी से ठीक हो सकती है । गंगानदी में पूरे भारत को रोगमुक्त करने की क्षमता है । इसलिए ऐसे गंगाजल का अधिक शोधकार्य होना आवश्यक है । इसीके साथ ही गंगा नदी में प्रदूषण न हो, इसलिए प्रयास करना, यह सभी भारतियों का कर्तव्य है ।
अमेरिकी संसद में ईरान के विरुद्ध युद्ध रोकने का प्रस्ताव पारित
India-Nepal Border Dispute : नेपाल के साथ सीमा विवाद में किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं – भारत
बांग्लादेश के विरोध के कारण घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजना हुआ कठिन ।
Trump Tariff : ट्रम्प भारत सहित अनेक देशों पर १२.५ प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाएंगे
Japan Illegal Mosque : जापान में पाकिस्तान द्वारा निर्मित अवैध मस्जिद को ध्वस्त किया जाएगा !
Pakistani HoneyTrap Failed : कश्मीरी युवक को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाकर उससे गोपनीय सूचना प्राप्त करने का पाकिस्तान का षड्यंत्र विफल !