देहली विश्वविद्यालय में विद्यार्थी की चाकू से हत्या !

देहली की कानून एवं सुव्यवस्था की स्थिति प्रतिदिन बिकट होती जा रही है । इस ओर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है !

अगले सप्ताह तक ‘आदिपुरुष’ चलचित्र के आपत्तिजनक संवाद को परिवर्तित करेंगे !

वास्तविक आपत्तिजनक संवाद हटाए जाएं तबतक इस चलचित्र का प्रदर्शन रोकना आवश्यक है । आजकल अधिकांश चलचित्र ८ से १५ दिनों में ही पुराने हो जाते हैं । इसलिए एक सप्ताह में आपत्तिजनक संवाद हटाने का आश्‍वासन देना, अर्थात ‘बाद में देखा जाएगा’ ऐसा ही कहना है ! यह हिन्दुओं की आंखो में धूल झोंकने समान ही है !

(इनकी सुनिए….) ‘जो इससे पूर्व किसी भी सरकार ने नहीं दिया, ऐसा घाव वर्तमान सरकार ने मुसलमानों को दिया है !’

प्रत्येक नागरिक को न्याय अधिकार देनेवाला ‘समान नागरिक कानून’ न होने के कारण पिछले ७५ वर्षों में हिन्दुओं पर जो अत्याचार हुए, उस विषय में मदनी क्यों नहीं बोलते ?

(इनकी सुनें….) ‘चित्रपट के संवाद अभी की पीढी को समझ में आए इसलिए जानबूझकर लिखे हैं ! – लेखक मनोज मुंतशीर शुक्ला

‘आदिपुरुष’ चित्रपट में आपत्तिजनक संवाद लेखक मनोज मुंतशीर शुक्ला द्वारा समर्थन !

‘आदिपुरुष’ चित्रपट के विरोध में देहली उच्च न्यायालय में याचिका !

चित्रपट के माध्यम से भगवान श्रीराम, सीतामाता, श्री हनुमान आदि को गलत ढंग से दिखाया

नई संसद भवन के ‘अखंड भारत’ के मानचित्र का भारतीयों द्वारा स्वागत !

अखंड भारत के मानचित्र में प्राचीन भारत के महत्त्व के राज्य एवं नगर चिन्हांकित किए गए हैं । इसके साथ ही वर्तमान के पाकिस्तान में स्थित तत्कालीन तक्षशिला में प्राचीन भारत का प्रभाव दर्शाया गया है ।

देशद्रोह का कानून निरस्त नहीं किया जा सकता ! – विधि आयोग

इस विवरण में आगे कहा गया है कि धारा ‘१२४ अ’ का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, इसलिए उसमें सरकार को आवश्यक टिप्पणियां देनी चाहिए । तथापि वह निरस्त करने से देश की अखंडता एवं सुरक्षा पर परिणाम हो सकता है ।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ‘गवर्नर ऑफ द इयर’ पुरस्कार से सम्मानित !

दास ने वर्ष २०१८ में उनके पद संभालने से लेकर अभी तक अनेक बडे निर्णय लिए । २ सहस्त्र की नोट को चलन से पीछे लेने का निर्णय भी हाल ही में उन्हीं की अध्यक्षता में लिया गया ।

समान नागरिकता कानून दृष्टिक्षेप में : विधि आयोग द्वारा जनता की ओर से  मत मंगवाए !

देश में समान नागरिकता कानून लागू करने की हिन्दुओं की विगत अनेक वर्षों से मांग थी । वह अब पूरी होते नजर आ रही है । मान्यताप्राप्त धार्मिक संगठनों को ३० दिनों में मत भेजने का आवाहन