‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग को केरल उच्च न्यायालय ने किया अस्वीकार !
मद्रास उच्च न्यायालय ने भी किया याचिका को अस्वीकार !
मद्रास उच्च न्यायालय ने भी किया याचिका को अस्वीकार !
केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान का ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र के संदर्भ में वक्तव्य
प्रधान मंत्री मोदी ने आगे कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस समाज को ध्वस्त करनेवाली आतंकवादी मानसिकता के समर्थन में खडी दिखाई दे रही है । ये लोग ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रहे हैं ।
विश्व के समक्ष आएगा टीपू सुल्तान का काला इतिहास, इस पर नसरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर आदि को पेट का दर्द हो, तो कोई आश्चर्य नहीं !
कश्मीर में लाखों कश्मीरी हिन्दुओं के जातीय विभाजन पर एक शब्द भी न बोलने वाले थरूर की यह दिखावटी धर्म-निरपेक्षता क्यों ?
सर्वाेच्च न्यायालय ने कहा है, ‘द केरल स्टोरी’ के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की मांग करनेवाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करना उचित नहीं होगा । चलचित्र (फिल्म) के प्रसारण से पूर्व ही उसे चुनौती देना अनुचित है ।
केरल की ‘लव जिहाद’में फंसी हिन्दू एवं ईसाई लडकियां सीरिया जैसे देश पहुंच गईं, यह वास्तविकता है । तब भी उसे झूठा ठहरानेवाले एक राज्य के मुख्यमंत्री, लोकतंत्र की अपकीर्ति कर रहे हैं !
जब-जब धर्मांध मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं पर किए गए आक्रमण दिखाने का प्रयास हुआ, उस समय कांग्रेस ने उसका विरोध किया है तथा अब भी वह वही कर रही है ! इससे कांग्रेस तो दूसरी मुस्लिम लीग है, यही ध्यान में आता है !
अपेक्षित है कि चलचित्र समाज का दर्पण बनकर उसे उचित दिशादर्शन करनेवाले हों । परंतु उनके प्रोत्साहनार्थ दिए जानेवाले पुरस्कारों की अवस्था यदि ऐसी होगी, तो क्या कभी चलचित्र समाजहित साध्य करेंगे ?
भारत शासन द्वारा कश्मीरी जनता पर होने वाले अत्याचार पर चिंता जताने वाले ‘बीबीसी’, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ जैसे पश्चिमी प्रसार माध्यमों से अब इस घटना पर उत्तर पूछना आवश्यक है !