देशद्रोह का कानून निरस्त नहीं किया जा सकता ! – विधि आयोग

इस विवरण में आगे कहा गया है कि धारा ‘१२४ अ’ का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, इसलिए उसमें सरकार को आवश्यक टिप्पणियां देनी चाहिए । तथापि वह निरस्त करने से देश की अखंडता एवं सुरक्षा पर परिणाम हो सकता है ।

‘जय श्रीराम’ की घोषणा करनेवाले ६ विद्यार्थियों को पाठशाला के बाहर कर दिया !

हिन्दू बहुसंख्यक भारत में ‘जय श्रीराम’ की घोषणा करनेवाले ६ विद्यार्थियों पर कार्यवाही होना हिन्दुओं की आवाज दबाने का ही प्रयास है !
देशद्रोही घोषणा करनेवालों के विरुद्ध कभी एक शब्द भी नहीं कहा जाता, यह ध्यान में लें !

समान नागरिकता कानून दृष्टिक्षेप में : विधि आयोग द्वारा जनता की ओर से  मत मंगवाए !

देश में समान नागरिकता कानून लागू करने की हिन्दुओं की विगत अनेक वर्षों से मांग थी । वह अब पूरी होते नजर आ रही है । मान्यताप्राप्त धार्मिक संगठनों को ३० दिनों में मत भेजने का आवाहन

तृणमूल कांग्रेस के २ दलों ने १०० स्थानों में एक-दूसरे पर बम फेंकें !

एक-दूसरे पर बम फेंककर हिंसा करनेवाली पार्टी राज्य में यदि सत्तारूढ है, तो यह लोकतंत्र के लिए कलंक ! स्वयं को लोकतंत्र के सेवक समझनेवाले अब तृणमूल कांग्रेस कर रही इस हिंसा के संदर्भ में क्यों नहीं बोलते ?

बहादुराबाद (उत्तराखंड) में सरकारी भूमि पर बनी मजार प्रशासन ने ध्वस्त की !

संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र संघ द्वारा किए आरोप पर कार्रवाई !
आक्रामक कट्टरपंथियों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज 

बहराईच (उत्तर प्रदेश) में धर्मांतरित निर्धन हिन्दुओं की हिन्दू धर्म में वापसी !

हिन्दुओं का धर्मांतरण करनेवालों पर कडी कार्रवाई की जानी चाहिए !

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित छायाचित्र में हिन्दू महिलाओं के साथ हो रहा है (तथाकथित) भेदभाव !

हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने ट्वीट द्वारा विषय किया स्पष्ट !

‘चैटजीपीटी’ के निर्माता सैम ऑल्टमन ने प्रधान मंत्री मोदी से भेंट की !

ऑल्टमन ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत के सामने जो अवसर हैं, उसके लिए भारत को क्या क्या करना चाहिए ? तथा चढाव उतार रोकने हेतु वैश्विक नियमन करने के संदर्भ में प्रधान मंत्री मोदी से चर्चा हुई ।

निष्पाप हिन्दू युवकों पर कार्रवाई करने से उसका परिणाम अच्छा नहीं होगा ! – वज्रदेही स्वामीजी की चेतावनी

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार के आने से हिन्दुओं के बुरे दिन आ गए हैं, यह ध्यान में रखें !

(और इनकी सुनिए… ) ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व अल्प !’

भारतीय व्यवस्था की निराधार निंदा करनेवाले ऐसे संकेतस्थलों पर सरकार को प्रतिबंध लगाना ही चाहिए !