अलीगढ की अवैध मस्जिद हटाने गए प्रशासन के दल को मुसलमानों द्वारा विरोध !
अवैध निर्माण कर उस पर न्यायालय के आदेश से होनेवाली कार्यवाही का विरोध करनेवालों पर कठोर कार्यवाही कर उन्हें कारावास में भेजा जाए, तभी अन्य लोगों में भी भय होगा !
अवैध निर्माण कर उस पर न्यायालय के आदेश से होनेवाली कार्यवाही का विरोध करनेवालों पर कठोर कार्यवाही कर उन्हें कारावास में भेजा जाए, तभी अन्य लोगों में भी भय होगा !
उत्तर प्रदेश में धर्मांतर विरोधी कानून होते हुए भी इस प्रकार की घटनाएं होती होंगी, तो इससे ध्यान में आता है कि, धर्मांध ईसाइयों को कानून का डर नहीं है । यह रोकने के लिए दंड और कठोर करने की आवश्यकता है !
‘हिन्दू धर्म में जाति-जाति में अंतर है तथा उनमें विवाद होते हैं’, इस प्रकार के समाचार प्रसारित करनेवाले प्रसारमाध्यम ईसाईयों में गुटबाजी तथा उससे होनेवाली मारपीट की अनदेखी करते हैं, यह समझ कर लें !
धर्मांध मुसलमान से विवाह करने के उपरांत हिन्दू युवती की क्या स्थिति होती है, यह ऐसी घटनाओं से नियमित सामने आने पर भी हिन्दू संगठन युवतियों को धर्म शिक्षा देने के लिए प्रयास नहीं कर रहे !
‘भारत में मुसलमान असुरक्षित हैं, तो उनके घर में शस्त्र बनाने का कारखाना कैसे ?’, ऐसा प्रश्न धर्मनिरपेक्षतावादियों के मन में क्यों नहीं आता ?
रिक्त स्थान पर बिना अनुमति के नमाज पढने का साहस होता ही कैसे है ? पुलिस और प्रशासन सोते रहते हैं क्या ? हिन्दु संगठनों को इस प्रकार विरोध क्यों करना पडत है ? हरियाणा में भाजपा की सरकार के होते हुए ऐसी स्थिति न निर्माण हो, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !
सोशल मीडिया द्वारा यहां का एक वीडियो वायरल हुआ है । इसमें कुछ मुस्लिम युवक बैडमिंटन मैच जीतने के उपरांत ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की घोषणा करते हुए देखे गए । उस समय पुलिस ने घोषणा कर रहे ५ मुस्लिम युवकों को तत्काल नियंत्रण में लिया ।
‘लव-जिहाद’ के विरुद्ध केवल कानून ही नहीं, अपितु धर्मांध युवकों को हिन्दू युवतियों की ओर बुरी दृष्टि से देखने का साहस न हो, ऐसा भय निर्माण करना आवश्यक !
अन्य धर्मियों के प्रार्थना स्थलों का सम्मान करने वाले होने से हिन्दू कभी भी इस प्रकार के विकृत कृत्य नहीं करते; किंतु तब भी हिन्दुओं को ही सर्वधर्म समभाव, धर्मनिरपेक्षता एवं पुरोगामी (प्रगतिशील) होने की घुट्टी पिलाई जाती है; किंतु धर्मांध कितने भी अनुचित कृत्य करें, उनका महिमा मंडन ही किया जाता है !
धर्मांध कट्टरपंथियों से प्रेम करने का अर्थ है अपने साथ-साथ अपने परिवार जनों के जीवन को भी उध्वस्त करना ! जिस दिन संबंधित हिन्दू महिलाओं को इस का बोध होगा वही उनके जीवन का सुदिन !