नूंह में पुनः एक बार फेरी का आयोजन !
१३ अगस्त को होनेवाले हिन्दू संगठनों की महापंचायत में इस विषय में अंतिम निर्णय लेना अपेक्षित है । समाचार है कि १३ अगस्त के इस महा पंचायत को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई है ।
१३ अगस्त को होनेवाले हिन्दू संगठनों की महापंचायत में इस विषय में अंतिम निर्णय लेना अपेक्षित है । समाचार है कि १३ अगस्त के इस महा पंचायत को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई है ।
देश में हिन्दू-मुसलमान विवाद उबल रहा है । इसके लिए मुसलमान उत्तरदायी होते हैं; क्योंकि अब तक की प्रत्येक घटना से प्रमाणित हुआ है कि सर्वप्रथम वे ही हिन्दुओं पर आक्रमण करते हैं । तब भी कथित धर्म-निरपेक्षतावादी एवं मानवतावादी चीखते हैं, ‘देश के अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं !’
देशभर में फैले एवं हिन्दुओं को समाप्त करनेवाले लव जिहाद पर परिणामकारक रोक लगाने के लिए २० वर्ष के दंड की अपेक्षा फांसी पर लटकाने का दंड ही आवश्यक है, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !
आजाद मैदान में दंगा करने वाले ११ वर्षों के उपरांत भी खुले घूम रहे हैं, यह पुलिस, प्रशासन और सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए लज्जास्पद !
कथित इस्लाम विरोधी फेसबुक पोस्ट पर मुसलमान संतप्त !
आरोपी लडकी के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट करने के उपरांत भी मचाया हो-हल्ला !
हिंसा के आरोपी मुनसैद एवं सैकुल को बंदी बनाया गया !
सैफुल्ला एवं मेहबूब नामक रोहिंग्या मुसलमानों को भी बंदी बनाया गया !
मोहम्मद अयाज एवं अकबर सैयद ने ‘एम.आई.एम.’ के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने वर्ष २०१२ में, ‘पुलिस को १५ मिनट के लिए हटाएं, फिर देखते हैं कौन अधिक शक्तिशाली है’, इस टिप्पणी को दाेहराया ।
ऐसे धर्मांध को तुरंत दंड मिलने पर ही ‘लव जिहाद’ के आगे के प्रकरण रुकेंगे !
नूंह के अलवर अस्पताल पर किए आक्रमण का प्रकरण !
हिन्दू समाज सहिष्णु है । वह बहिष्कार जैसा अंतिम कदम क्यों उठा रहा है, सरकार इसे ज्ञात कर क्या समाज को आश्वस्त करने का काम करेगी ?