Mahakumbh Stampede : महाकुंभ हादसा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का न्यायिक जांच का आदेश !
मृतकों के परिजनों को २५ लाख रुपये की सहायता घोषित !
मृतकों के परिजनों को २५ लाख रुपये की सहायता घोषित !
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलिकॉप्टर से कुंभक्षेत्र की ओर आनेवाले सभी मार्गाें का हवाई सर्वेक्षण किया ।
मौनी अमावास्या के उपलक्ष्य में यहां के त्रिवेणी संगम पर २८ जनवरी की मध्यरात्रि के लगभग डेढ बजे प्रचंड भीड उमडने से मची भगदड में १५ श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई, जबकि ५० से अधिक श्रद्धालु घायल हुए ।
वक्फ बोर्ड समाप्त करने का कोई विकल्प नहीं; यही इन आंकडों से स्पष्ट होता है ! यदि ऐसा नहीं करते, तो आगामी पीढी क्षमा नहीं करेगी !
शंकराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती महाकुंभ क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इससे पहले श्री श्री विधुशेखर भारती के गुरु भी कुंभ मेले में आए थे। इस शुभ अवसर को अद्वितीय माना जाता है, क्योंकि दक्षिण भारत से शंकराचार्य ने इतने दीर्घ काल के उपरांत कुंभ मेले में भाग लिया।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथसहित उनकी मंत्री परिषद के लगभग सभी मंत्रियों ने २२ जनवरी को पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया । उसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गंगापूजन कर गंगाजी की आरती उतारी ।
समाजवादी पक्ष की सरकार रहते समय कुंभमेले में श्रद्धालु रौंदे गए एवं उसमें दब कर ३६ श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी । उस समय श्रद्धालुओं के लिए समाजवादी पक्ष की सरकार ने कोई सहायता नहीं दी । हिन्दुओं के विषय में सदैव द्वेष की भूमिका अपनानेवाले अखिलेश यादव काे महाकुंभ के विषय में बोलने का अधिकार नहीं है !
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापक तैयारी के निर्देश दिए
इम्रान तुर्की है संभल वक्फ विकास महामंडल के संचालक !
मकर संक्राति के दिन यहां की गंगा, यमुना एवं सरस्वती श्र नदियों के पवित्र संगम पर साधु-संतों का प्रथम अमृत स्नान संपन्न हुआ । इस अमृत स्नान के साक्षी बनने हेतु साक्षात वरूणदेव भी पधारे । कडाके की ठंड तथा उसमें अमृतरूपी जलवर्षा के कारण देश-विदेश के करोडो श्रद्धालु भी धन्य-धन्य हुए ।