(और इनकी सुनिए…) ‘गत वर्ष हुआ संघर्ष प्रधानमंत्री मोदी एवं पाक के सैन्यदल प्रमुख आसिम मुनीर के मध्य मिलीभगत थी !’ – Imran Khan Sister’s Claim

  • इमरान खान की भगिनी नोरीन नियाजी का दावा

  • नोरीन को अन्वेषण ब्यूरो ने पूछताछ के लिए आमंत्रित किया !

इमरान खान की भगिनी नोरीन नियाजी एवं पाकिस्तान के आसिम मुनीर

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – मई २०२५ में भारत एवं पाकिस्तान के मध्य हुआ संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व आसिम मुनीर तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य मिलीभगत का परिणाम था । पाकिस्तानी सेना की छवि में सुधार करना ही इसके पीछे का उद्देश्य था । आपको क्या लगता है ? भारत जैसा विशाल देश १० मई के दिन पाकिस्तान द्वारा किए गए आक्रमण का त्वरित तथा कठोर प्रत्युत्तर देने की स्थिति में नहीं था क्या ? वह प्रत्युत्तर दे सकता था; परंतु एक परस्पर समझ के कारण भारत ने जानबूझकर कठोर कदम नहीं उठाया, ऐसा आरोप पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की भगिनी नोरीन नियाजी ने लगाया । इसके पश्चात पाकिस्तान के साइबर अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें समन्स भेजकर यहां के कार्यालय में उपस्थित रहने के लिए कहा । उन पर सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) द्वारा सेना को अपकीर्त करने के साथ ही असत्य, आपत्तिजनक तथा भडकाऊ सूचना प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है ।

१. नोरीन नियाजी ने एक साक्षात्कार में पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण के पश्चात ४ दिन तक चले संघर्ष में भारत के विरुद्ध पाकिस्तान द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को कम करके आंका । साथ ही भारत ने इस संघर्ष को आगे नहीं बढाया; क्योंकि पाकिस्तान इजराइल को मान्यता देने की दिशा में कदम बढा रहा था । इन संपूर्ण गतिविधियों का उद्देश्य पाकिस्तान के लिए ‘अब्राहम समझौते’ में सम्मिलित होने का मार्ग प्रशस्त करना था, ऐसा भी उन्होंने कहा ।

२. पाकिस्तान उन देशों में से एक है जो इजराइल को देश के रूप में मान्यता नहीं देता है तथा उसके इजराइल के साथ कोई भी राजनयिक संबंध नहीं हैं । दूसरी ओर अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के अंतर्गत इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान, मोरक्को सहित अनेक अरब देशों में राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित हुए हैं ।