SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : पुलिस द्वारा भक्तों के साथ सद्‌व्यवहार – अयोध्या समारोह की सकारात्मक घटना !

रामोत्सव अर्थात श्रीरामलला की (श्रीरामजी के बाल रूप) प्राणप्रतिष्ठा समारोह ! इस समारोह में आरंभ से ही उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों का भक्तों से अत्यंत अच्छा व्यवहार था । यह देखकर स्वयं की आंखों पर मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था  !

Ayodhya Ram Mandir : श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या के प्रवेशद्वार पर लाखों भक्त प्रतीक्षा में !

२३ जनवरी से सर्वसाधारण जनता को श्रीरामलला के दर्शन मिलेंगे । ये सभी भक्त श्रीरामलला के दर्शन की प्रतीक्षा में हैं ।

अयोध्या नगरी में २२ जनवरी को सुवर्णाक्षरों से लिखा जाएगा इतिहास : श्री रामलला की मूर्ति की होगी प्राणप्रतिष्ठा !

प्रभु श्रीराम के स्वागत हेतु अयोध्यानगरी सज्ज !
ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर का भी होगा उद्घाटन !

हिन्दू राष्ट्र के आगमन को कोई नहीं रोक पाएगा ! – जगद्गुरु परमहंसाचार्य, तपस्वी शिविर ,अयोध्या, उत्तर प्रदेश

अयोध्या से ‘सनातन प्रभात’ का विशेष वृत्तांकन !

हिन्दी पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ का द्वितीय रंगीन विशेषांक

प्रभु श्रीराम मंदिर इस विशेषांक में पढें अयोध्या की महिमा , संत संदेश एवं कारसेवकों के अनुभव !

SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति के दायित्वशून्य कामकाज की कार्यकारी अधिकारियों द्वारा स्वीकृती !

प्रसाद के लिए किए गए लड्डुओं की गुणवत्ता नहीं रहीं, इस बात का कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र शेळके ने पत्रकारवार्ता में स्वीकार किया ।

‘सनातन प्रभात’ में किए गए उद्बोधन के अनुसार आज से ही कृति करना आरंभ करें !

पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ की २४ वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश

‘सनातन प्रभात’ की लेखनी !

पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ की लेखनी के माध्यम से राष्ट्र-धर्म के हो रहे कार्य का जब-जब गौरव हुआ, तब यह लेखनी स्थिर हुई तथा कठिन काल में भी अपनी प्रखर ध्येयनिष्ठा के कारण अविचल रही !

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के कार्य में समाजमानस बनानेवाला ‘सनातन प्रभात’ !

‘सनातन प्रभात’ के पाठक, वितरक, शुभचिंतक, विज्ञापनदाता, हिन्दुत्वनिष्ठ आदि सभी सनातन परिवार के एक अविभाज्य अंग ही हैं ! इस अंक के उपलक्ष्य में होनेवाला विचारों का आदान-प्रदान तो हमारे लिए संपूर्ण वर्ष के ज्ञान का संग्रह है ।

‘सनातन प्रभात’ की यात्रा के कुछ विशेष क्षणों के छायाचित्र !

दैनिक के रत्नागिरी संस्करण के प्रकाशन समारोह में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी (वर्ष १९९९)